बारां के छीपाबड़ौद थानाक्षेत्र में तीन साल पुराने युवक की हत्या के मामले में एससी एसटी कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक हरिओम मीना ने बताया कि यह मामला 8 फरवरी 2023 का है। परिवादी रामभरोस ने छीपाबड़ौद थाना पुलिस को रिपोर्ट दी थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई रमेश के पास करीब 50 बकरियां थीं। गांव में जगह की कमी के कारण रमेश अपनी बकरियां चराने के लिए गुंदलाई के जंगल में एक अस्थायी झोपड़ी (तापड़िया) बनाकर रहते थे। उसी के पास एक अन्य झोपड़ी में अकील पठान भी रहता था। 7 फरवरी को रमेश ने 35 हजार रुपए में कुछ बकरे-बकरियां बेची थीं, जिसकी राशि उनके पास ही रखी हुई थी। अकील पठान को इस बात की जानकारी थी। पैसों के लालच में अकील पठान ने मौका पाकर देर रात रमेश की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी और पैसे लूट लिए। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद आरोपी अकील पठान उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ एससी एसटी कोर्ट बारां में चालान पेश किया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी हरिओम मीणा ने मामले में दमदार पैरवी की। इस दौरान 28 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए और 18 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। मामले में फैसला सुनाते हुए एससी एसटी कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश लोकेश शर्मा ने हत्या के आरोपी अकील पठान को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


