नशे के कारोबारियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास:विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट ने सुनाया फैसला,दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख का अर्थदंड भी लगाया

विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत ने नशीले इंजेक्शन का कारोबार करने वाले दो तस्करों को 10-10 साल की सजा एवं 1-1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। नशे के इंजेक्शन के साथ आटो चालक एवं साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामला विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत में विचाराधीन था। जानकारी के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2024 को अंबिकापुर कोतवाली पुलिस को मुखबिर की सूचना पर गंगापुर नाला के समीप रहने वाले ऑटो चालक प्रिंस उर्फ शाश्वत तिवारी (21 वर्ष) एवं उसके दोस्त लखनपुर जमगला रोहित कुमार पोर्ते (21 वर्ष) को मौलवी बांध मोड़ के पास पकड़ा। दोनों आरोपियों द्वारा लंबे समय से नशीले इंजेक्शन का कारोबार किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर मौके से ई रिक्शा ऑटो क्रमांक सीजी 15 ईवी 2574 की तलाशी के दौरान 116 नग नशीला इंजेक्शन बरामद किया गया था। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। अदालत ने सुनाई कड़ी सजा
पुलिस ने 3 फरवरी को इस प्रकरण का चालान विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट अतुल कुमार श्रीवास्तव के कोर्ट में पेश किया था। प्रकरण की सुनवाई में कोर्ट ने आरोपी ऑटो चालक प्रिंस उर्फ शाश्वत तिवारी और रोहित कुमार को नशे के अवैध कारोबार के लिए दोषी माना। इस प्रकरण में कोर्ट ने आरोपी प्रिंस उर्फ शाश्वत तिवारी और रोहित कुमार को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 सी के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने नशे के लिए इंजेक्शन का उपयोग को गंभीर श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषियों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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