प्रयागराज महाकुंभ में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का रंग बिखरने जा रहा है। हरदा के गोंदागांव से 15 आदिवासी कलाकारों का दल डंडा नृत्य की प्रस्तुति देने के लिए 22 फरवरी को प्रयागराज के लिए रवाना होगा। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के निमंत्रण पर मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग इन कलाकारों को 24 से 26 फरवरी तक प्रस्तुति के लिए प्रयागराज भेजेगा। दल के मुख्य गायक सुमित शर्मा पिछले 15 वर्षों से कला और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने भुआणा और निमाड़ की लुप्तप्राय सांगीतिक विधाओं का संरक्षण किया है। गणगौर, भुजरिया डंडा, गोंडी नृत्य, नारदी भजन और संत सिंगाजी के पदों को संजोने का श्रेय भी उन्हें जाता है। एक किसान परिवार से आने वाले सुमित की प्रतिभा की तारीफ स्वयं अनूप जलोटा भी कर चुके हैं और उन्हें अपनी टीम में भी शामिल करते रहे हैं। ‘मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक’
डंडा नृत्य, जो परंपरागत रूप से सावन के महीने में अच्छी वर्षा की कामना के लिए किया जाता है, अब महाकुंभ के मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। ये मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। महाशिवरात्रि के अवसर पर होने वाली ये प्रस्तुति न केवल हरदा जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह मध्य प्रदेश की जनजातीय कला और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी अवसर है।


