भास्कर न्यूज । रोपड़ कुल हिंद किसान सभा तहसील कमेटी रोपड़ ने प्रदेश कमेटी के आह्वान पर रोपड़ में केंद्रीय बजट की प्रतियां जलाकर किसानों और खेत मजदूरों की अनदेखी के विरोध में जोरदार रोष प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन अध्यक्ष कामरेड तरलोचन सिंह हुसैनपुर और सचिव कामरेड पवन कुमार सरपंच चक्क करमां की अगुवाई में किया। इस मौके किसान नेताओं ने कहा कि वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में खेतीबाड़ी को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। छोटे और सीमांत किसानों का केवल एक बार जिक्र किया, जबकि ग्रामीण मजदूरों का तो कहीं भी उल्लेख नहीं है। बजट के आंकड़ों में भी इन्हें कोई तवज्जो नहीं दी। किसान नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा इस सप्ताह पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025 में खेतीबाड़ी की औसत विकास दर में गिरावट आई है। पिछली तिमाही में दर्ज की विकास दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि दशकों की औसत विकास दर 4.45 प्रतिशत थी। यह फसल उत्पादन में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। ऐसे हालात में उम्मीद थी कि केंद्रीय बजट 2026-27 में खेतीबाड़ी की विकास दर बढ़ाने को कुछ ठोस प्रबंध किए जाएंगे, लेकिन इसके विपरीत यह बजट किसानों और खेत मजदूरों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वीबीजीरामजी योजना के तहत 95,692 करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि इसमें से 63,794 करोड़ रुपए का बोझ राज्यों पर डाला गया, जिसे वहन करना राज्यों के लिए संभव नहीं है। वहीं अमेरिका के साथ किए जा रहे खेती संबंधी समझौते भी किसान हितों के खिलाफ हैं और इससे पहले से घाटे का सौदा बनी खेती पर और मार पड़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी और घटेगी। इस मौके केंद्र की मोदी सरकार की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके सीआईटीयू नेता कामरेड महान सिंह रोड़ी, कामरेड गुरदेव सिंह बागी, कुल हिंद खेत मजदूर यूनियन नेता कामरेड बजिंदर पंडित, कामरेड रंजना, जनवादी इस्त्री सभा की जिला अध्यक्ष कामरेड प्रभा, आशा वर्कर यूनियन अध्यक्ष सुरजिंदर कौर सीमा, रंजीत कौर (प्रदेश नेता), सरबजीत कौर (ब्लॉक अध्यक्ष), अमरजीत कौर (सचिव), बलजीत कौर समीरावाल (जिला खजांची), राजिंदर सिंह अलीपुर, हरनाम सिंह डल्ला, नरेंद्र शर्मा, परसा सिंह घनौला सहित अन्य मौजूद थे।


