भास्कर न्यूज | बरनाला बरनाला जिले के मजदूर किसान संगठनों द्वारा पच्चीस एकड़ क्षेत्र से झुग्गी-झोपड़ी वाले मजदूरों को हटाए जाने के संबंध में संगठनों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू के प्रांतीय नेता कामरेड खुशियां सिंह, मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब के नेता कामरेड गुरप्रीत रूड़ेके, भारतीय किसान यूनियन उगराहा के नेता चमकौर सिंह नैनेवाल, क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता मनजीत राये, भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के नेता बाबू सिंह खुड्डी कलां, सीटू के प्रांतीय नेता शेर सिंह फरवाही ने कहा कि तीस जनवरी को पच्चीस एकड़ में झुग्गी झोपड़ी वाले मजदूरों को जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा बेघर किया गया था तथा बच्चों व महिलाओं के साथ मारपीट की गई थी। इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए बुधवार को जिले के मजदूर किसान संगठनों ने बैठक की और उजाड़े गए मजदूरों के पुनर्वास के लिए डिप्टी कमिश्नर से मिलना चाहा लेकिन समय न मिलने पर संगठनों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नौ फरवरी को बड़ा एकत्र होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से जिन लोगों की झोपड़ियां तोड़ी गई है। उनका रहने के लिए जगह दी जाए। जिससे ठंड के दिनों में वह भी घर न हो। मजदूर नेताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार हर गरीब को सिर पर छत देने का फायदा करती है लेकिन जो लोग बेघर हैं और मजबूरी में झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं उनको इस ठंड में बेघर किया जा रहा है। यह सरासर धक्के शाही है। अगर अधिकारियों ने उनकी बात न सुनीं तो आने वाले दिनों में और कड़ा संघर्ष किया जाएगा।


