छ्त्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में DRG और STF के 2 जवान शहीद हो गए। आज दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई है। CG के DGP अरुण देव गौतम ने कहा कि, हमारे जवान नक्सलियों के उस कठिन ठिकाने पर घुसे जहां जाना मुश्किल था। वहां जाकर नक्सलियों के साथ बहादुरी से लड़े। 31 माओवादियों को मार गिराया। दरअसल, 9 फरवरी को बीजापुर जिले के फरसेगढ़ और मद्देड़ इलाके के जंगल में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया। जिनके शव भी बरामद कर लिए गए थे। हालांकि, इस गोलीबारी में बलौदाबाजार के रहने वाले DRG हेड कांस्टेबल नरेश ध्रुव और बालोद के रहने वाले STF कांस्टेबल वासित रावटे शहीद हो गए। वहीं DRG कांस्टेबल जग्गू कमलू और STF कांस्टेबल गुलाब मंडावी घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए राजधानी रायपुर भेजा गया है। आज 10 फरवरी को बीजापुर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। जिसके बाद उनके पार्थिव शव को गृहग्राम भेजा गया है। नक्सलियों के आराम की कोई जगह नहीं बची- अरुण देव गौतम छतीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने कहा कि, इंद्रावती नेशनल पार्क का इलाका बेहद ही कठिन क्षेत्र है। नक्सलियों के इस कठिन क्षेत्र में घुसकर हमारे जवानों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि, शहीद जवानों की शहादत नक्सलियों का खात्मा करने के लिए बाकी जवानों के लिए प्रेरणा साबित होगी। उन्होंने कहा कि, बस्तर में अब नक्सलियों के आराम की अब कोई जगह नहीं बची है। नक्सलियों को मार गिराने के बाद जो हथियार मिले हैं उनमें कुछ नए तरीके के भी हथियार हैं।


