भास्कर न्यूज | पटियाला धर्म सम्मेलन आयोजन समिति की तरफ से बुधवार को प्रेमधाम बस्ती एवं तेज बाग कॉलोनी बस्ती की ओर से प्रेमधाम स्कूल सनौरी अड्डा में एक भव्य धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। धर्म सम्मेलन में पटियाला की 15 सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं एवं विभिन्न संगठनों के प्रमुख लोगों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से भगवान दास जुनेजा, रविंदर बांसल (निष्काम जल सेवा समिति), रविदास मंदिर कमेटी सैफाबादी गेट, आर्य समाज मंदिर, गांगशरण गौतम (सूर्य नारायण मंदिर), वीरेंद्र खन्ना (प्रधान, भूतनाथ मंदिर कमेटी), वंदे मातरम दल से अश्विनी शर्मा, गुरमुख सिंह (मरीज मित्र संस्था), नोरिया मंदिर प्रबंधक कमेटी मार्कल कॉलोनी से आशा, मार्कल कॉलोनी सुधार सभा कमेटी से जीवन गर्ग, खटिया मंदिर प्रबंधक कमेटी से मुकेश कुमार, शिव मंदिर मार्कल कॉलोनी से मोना शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समाज से 400 से अधिक लोग सम्मेलन में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य गजेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत वीरों की जन्मभूमि है। उन्होंने देश की रक्षा, संस्कार, धर्म और मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रेमधाम स्कूल के विद्यार्थियों ने श्री गुरु नानक देव जी पर कविता पाठ प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता गुरुचरण सिंह मोखा जी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर अपने संबोधन में कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि देश और धर्म की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च त्याग है। गुरु साहिब ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय अपने प्राणों का बलिदान देकर मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की। आज आवश्यकता है कि समाज अपने धर्म, संस्कार और गुरु परंपरा को समझे और अपनाए। जिला प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पटियाला अर्जुन ने संघ के शताब्दी वर्ष एवं श्रीराम मंदिर की गाथा पर प्रकाश डालते हुए पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन की बात कही। उन्होंने परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। समारोह में मौजूद वक्ता निखिल रंजन शास्त्री ने धर्म और संस्कार के आधार पर कहा कि कर्म ही धर्म है। अनुराग शर्मा ने परिवार व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि परिवार में बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। महंत विजय नाथ महाराज ने कहा कि धर्म से प्रेम करके ही धर्म की रक्षा संभव है। उन्होंने कहा कि धर्म में जात-पात का कोई स्थान नहीं है और मानव सेवा ही नारायण सेवा है। इस मौके आयोजन समिति अध्यक्ष चन्द्रदीप, कार्यक्रम खजांची मानव, मंच संचालन सतीश (नगर कार्यवाह), व्यवस्था अमरदीप, रविन्द्र, सुशील नय्यर एवं सभी संचालन टोली के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। भजन संकीर्तन में सुमन आर्य एवं वेदिका आर्य ने अपने भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


