भास्कर न्यूज| लाठी एक तरफ जहां लोग गोचर व ओरण भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए पैदल यात्रा एवं धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र के ग्राम पंचायत भादरिया के लोहटा गांव में राजस्व रिकॉर्ड दर्ज गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने को लेकर बार-बार लिखित रूप से अवगत करवाने के बाद भी प्रशासन किसी भी प्रकार कि कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोहटा क्षेत्र में बढ़ती आबादी से गोचर भूमि अतिक्रमणों की भेंट चढ़ रही है। राजस्व विभाग प्रशासन की अनदेखी से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। सदियों से गोचर की जमीन ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। पर्यावरण संरक्षण पुण्य भावना से प्रेरित होकर हर गांव में ओरण गोचर के लिए जमीन सुरक्षित रखी जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में क्षेत्र की आबादी रिकॉर्ड हुई बढ़ोतरी से अब गांवों में भी जमीनों की कीमतें बढ़ गई है। भादरिया सरपंच प्रेमसिंह भाटी सहित ग्रामीणों की ओर से कलेक्टर व पोकरण उपखंड अधिकारी सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को मौखिक व लिखित रूप से अवगत करवाने के बावजूद कब्जे नहीं हटाए जा रहे हैं। सरकारी जमीनों पर लोग खेती कर रहे हैं। गोचर गांव की समृद्धि का आधार रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के चलते सदियों तक गांव में ओरण गोचर की जमीन पर कब्जे तो दूर की बात सूखी लकड़ी लाने से भी लोग कतराते थे। लेकिन अब कब्जों के चलते जहां बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटा जा रहा है।


