झालरापाटन पुलिस ने मंगलवार रात ग्रोथ सेंटर के पास एक पिकअप में 320.52 किलो प्रतिबंधित केमिकल पकड़ा। यह केमिकल मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के माचलपुर में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री में सप्लाई होने वाला था। पुलिस ने केमिकल के साथ एमपी के पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद राजगढ़ पुलिस से समन्वय कर माचलपुर के गोघटपुर गांव में में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री तक पहुंची। यहां से मुख्य आरोपी फरार हो गया था, लेकिन राजस्थान पुलिस की कार्रवाई के बाद माचलपुर पुलिस ने फैक्ट्री से केमिकल व अन्य उपकरण जब्त कर मामला दर्ज किया। इस कार्रवाई पर राजगढ़ एसपी अमित तोलानी भी लगातार नजर रखे रहे। एसपी अमित कुमार ने बताया कि झालरापाटन थानाधिकारी अल्का विश्नोई और जिला स्पेशल टीम प्रभारी सीआई मोहनलाल के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर रात्रि गश्त के दौरान झालरापाटन स्थित ग्रोथ सेंटर चौराहा पर संदिग्ध अवस्था में पिकअप व एक अन्य लग्जरी कार खड़ी थी। कार में सवार मध्यप्रदेश के आगर निवासी दीपक पुत्र श्यामलाल, गोंदल मऊ, थाना नलखेड़ा जिला आगर निवासी जितेंद्रसिंह पुत्र कमलसिंह व नलखेड़ा, आगर निवासी शैलेंद्र विलाला पुत्र रमेशचंद विलाला को संदिग्धावस्था में गिरफ्तार कर पिकअप की तलाशी ली तो उसमें ड्रग्स बनाने में उपयोगी प्लास्टिक के 6 ड्रम में भरा 320.72 किलो 2-ब्रोमो-4 मिथाइलप्रोपियोफेनोन केमिकल पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह केमिकल मध्यप्रदेश के आगर में जयनारायण उर्फ मामू को सप्लाई किया जाना था। जयनारायण अन्य साथियों के साथ मिलकर केमिकल से एमडी अथवा ऐसी ही कोई अन्य ड्रग्स बनाने में उपयोग करता है। इसके अलावा इस केमिकल का मध्यप्रदेश में संचालित ड्रग्स में फैक्ट्री में उपयोग होने की पुख्ता जानकारी भी मिली। इस पर झालरापाटन पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर आगर रवाना हुई। आगर पुलिस से समन्वय कर केमिकल की सप्लाई लेने वाले जयनारायण व उसके साथी रामलाल को सुसनेर से गिरफ्तार किया। 320 किलो केमिकल से 64 किलो एमडी ड्रग्स बनती है राजस्थान पुलिस ने सुसनेर से जयनारायण व रामलाल को हिरासत में लिया तो उन्होंने बताया कि यह केमिकल गोघटपुर गांव में, थाना माचलपुर, राजगढ़ निवासी रघुनंदन पाटीदार को सुसनेर में सप्लाई होना था। पुलिस की भनक लगने पर रघुनंदन फरार हो गया। राजगढ़ पुलिस की मदद से माचलपुर में रघुनंदन के घर पर दबिश दी। यहां वह तो नहीं मिला, लेकिन ड्रग्स की फैक्ट्री मिली, जहां से माचलपुर पुलिस ने भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने का केमिकल जब्त कर मामला दर्ज किया। ट्रांसपोर्ट से महाराष्ट्र से कोटा पहुंचा था केमिकल, यहां से माचलपुर फैक्ट्री पहुंचना था झालरापाटन पुलिस ने पिकअप में केमिकल जब्त कर इसको एस्कॉर्ट कर रही लग्जरी कार में सवार तीन जनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि 2-ब्रोमो 4-मिथाइलप्रोपियोफेनो न केमिकल महाराष्ट्र से ट्रांसपोर्ट से कोटा पहुंचा था। उसे आगर में जयनारायण को सप्लाई करना था। जयनारायण के जरिए यह केमिकल माचलपुर के गोघटपुर में रघुनंदन के मकान में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री तक पहुंचना था। यहां इस केमिकल से एमडीएमए व अन्य ड्रग्स बनाई जानी थी। फैक्ट्री में मिले ड्रग्स बनाने के केमिकल और कई उपकरण जिला पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 320 किलो जब्त केमिकल से 64 किलो एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती है। 5 किलो केमिकल से 1 किलो एमडी ड्रग्स बनती है। यानी, 320 किलो केमिकल से 64 किलो एमडी बनाई जा सकती थी। एक किलो एमडी ड्रग्स की कीमत 1 करोड़ रुपए है। इस प्रकार 64 किलो एमडी ड्रग्स की कीमत 128 करोड़ रुपए है। राजस्थान पुलिस की कार्रवाई के बाद मध्यप्रदेश की माचलपुर पुलिस ने फैक्ट्री से 4.810 किलोग्राम मेलाटोनिन केमिकल के 4 पैकेट, 850 ग्राम लेबोरेटरी रिजेंट 2-प्रोपेनल केमिकल भरे 2 डिब्बे व 690 ग्राम मेथानल के 2 डिब्बे सहित कई तरह के केमिकल के पाउडर के अलावा सूर्या क्रिस्टल क्लियर पीपी पोलीथिन, 3 कांच के खाली जार, 3 इंडक्शन, गैस भट्टी बरामद की। सुसनेर मंगलवार देर रात 1 से 3 बजे के बीच पुलिस छावनी बन गया। दरअसल राजस्थान पुलिस मादक पदार्थ की आशंका के चलते बड़ी संख्या में वाहनों से भारी पुलिस बल के साथ मोडी रोड पर पहुंची थी। स्थानीय पुलिस ने भी पीछे वाहनों को दौड़ाया और राजस्थान पुलिस से मामले की जानकारी हासिल की। इस दौरान आगर जिले से पुलिस बल व अधिकारी भी पहुंचे। दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की चर्चा के उपरांत सुसनेर पुलिस थाने पर मामला शांत हुआ।


