भास्कर न्यूज | झालावाड़ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। महासंघ ने कहा कि सत्र 2020–21 से 2022–23 के बीच राजसेस योजना के तहत 303 नए महाविद्यालय खोले गए है। सत्र 2023–24 एवं 2024–25 में 71 अतिरिक्त महाविद्यालय शुरू किए गए। जिससे संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 महाविद्यालयों में अभी तक एक भी स्थायी संकाय सदस्य नियुक्त नहीं है। जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर प्रश्न खड़ा करता है। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी व जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महाविद्यालयों में सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने मांग की है कि प्रस्तावित संविदा नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए तथा सभी राजसेस महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों के रूप में संचालित करने के आदेश जारी किए जाएं। प्रदर्शन में डॉ. अशोक कुमार पाटीदार, बालमुकंद मीना, मनीषा मीना, मुकेश कुमार मीना, गिरिराज गुर्जर, अर्चना मीना, नरेन्द्र पूनिया, सोनू खंडेलवाल, आशीष भार्गव एवं मुकेश डेलू उपस्थित रहे।


