बीजापुर में शहीद STF जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव:बालोद के वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, नारों से गूंजा इलाका

बीजापुर में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए एसटीएफ जवान वासित कुमार का पार्थिव शरीर जब उनके गृह जिला बालोद पहुंचा, तो पूरा इलाका शोक में डूब गया। शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोगों ने भाग लिया, जिन्होंने ‘वासित कुमार अमर रहे’ के नारों से पूरे इलाका गमगीन हो गया। वीर शहीद की दो छोटी बेटियां, जो अभी इतनी छोटी है कि उन्हें अपने पिता की शहादत का मतलब भी समझ नहीं आ रहा है। शहीद की पत्नी की दर्दनाक चीखें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। महिला पुलिस कर्मियों ने परिवार की महिलाओं को संभालने का प्रयास किया, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। इस दौरान जिले के विधायक, वरिष्ठ नेता, पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। एसटीएफ के अधिकारी और कर्मचारी भी अपने साथी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शहीद वासित कुमार ने नक्सलियों की मांद में घुसकर अदम्य साहस का परिचय दिया और अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हमारे सुरक्षाबल किस प्रकार देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार रहते हैं। विधायक और पूर्व मंत्री ने शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि अर्पित करने आईं पूर्व मंत्री एवं विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि हमारे जिले का लाल शहीद हुआ है। हम गौरवान्वित हैं और हम सब की संवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार से मैं यह गुजारिश करती हूं कि जो भी सुविधा सरकार से मिलती है, उन्हें घर पहुंच कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि उसे माता-पिता को मेरा नमन है, जिसने इस वीर सपूत को जन्म दिया। साथ ही, विधायक कुंवर सिंह निषाद और संगीता सिन्हा ने भी कहा कि बालोद जिले का लाल शहीद हुआ है। बड़ी दुखद खबर है, परंतु उन्होंने नक्सलियों से लोहा लिया और नक्सलियों को भी मौत के घाट उतारा और देश की रक्षा करते-करते बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णकांत पवार राकेश यादव ने भी इस दुख के समय में परिवार के साथ खड़े रहने की बात कहते हुए कहा कि सरकार अब नक्सली खात्मे की ओर अग्रसर है और जो झुंझलाहट है उसका यह परिणाम है हम उसे माता-पिता को नमन करते हैं जिसने इस सहित को जन्म दिया।

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