भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 3 किलोमीटर के दायरे में कैंसर पीड़ित ज्यादा मिले हैं। जेपी नगर, कैंची छोला और काजी कैंप में कुल गैस प्रभावित 21 हजार 276 लोगों में से कैंसर के 334 मरीज हैं। नई पीड़ी में भी कैंसर के लक्षण मिले हैं। बुधवार को यह आंकड़े गैस पीड़ितों को लेकर काम और इलाज करने वाले संभावना ट्रस्ट क्लिनिक ने बुधवार को जारी किए। विश्व कैंसर दिवस के मौके पर संभावना ट्रस्ट क्लिनिक ने मीडिया को जानकारी दी। जिसमें बताया कि वर्ष 1984 के यूनियन कार्बाइड हादसे से प्रभावित आबादी में कैंसर की दर, अपीड़ित आबादी की तुलना में लगभग 13 गुना ज्यादा है। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि गैस पीड़ित महिलाओं की अपेक्षा गैस पीड़ित पुरुषों में कैंसर की दर अधिक है। यह भी देखा गया है कि गैस पीड़ित आबादी में खून, फेफड़े और गले के कैंसर की दर सबसे ज्यादा है। साल 1996 में स्थापित संभावना ट्रस्ट क्लिनिक भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों को मुफ्त इलाज मुहैया कराता है। क्लिनिक की सामुदायिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण यूनिट के सदस्य राधेलाल नापित ने बताया, हमने 21 हजार 276 गैस पीड़ितों और 25 हजार 528 अपीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी इकट्ठा की है। जिनकी आय और शिक्षा समान है। कैंसर का आंकड़ा उन सभी लोगों का है, जिन्हें साल 1992 और 2012 के बीच कैंसर का पता चला था। हमारे पास कैंसर वाले लगभग सभी व्यक्तियों के मेडिकल रिकॉर्ड की कॉपी हैं। फेफेड़े, गले के कैंसर मरीज अधिक मिले
ट्रस्ट की ही फरहत जहां ने बताया, गैस पीड़ित आबादी में कैंसर की दर प्रति 1 लाख पर 1569.84 है। वहीं अपीड़ित आबादी में यह प्रति 1 लाख पर 117.52 है। गैस पीड़ित पुरुषों में कैंसर की दर 14.92 गुना ज्यादा है, जबकि गैस पीड़ित महिलाओ में यह 12.22 गुना अधिक है। सर्वे टीम के एक अन्य सदस्य चंद्रशेखर साहू ने बताया, यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों में कुछ तरह के कैंसर ज्यादा आम थे। हम पाते हैं कि गैस पीड़ित आबादी में खून के कैंसर की दर अपीड़ित आबादी की तुलना में 21.6 गुना ज्यादा है। इसी तरह, फेफड़े और गले के कैंसर की दर अपीड़ित आबादी की तुलना में क्रमशः 28.78 और 33.86 गुना ज्यादा सामने आई है। इन इलाकों में सर्वे
टीम की सदस्य संतोष क्षत्रिय ने बताया, गैस पीड़ित लोगों की जानकारी जयप्रकाश नगर, कैंची छोला, काजी कैंप और यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों के निवासियों से इकट्ठा किया गया। वहीं, गैस से अपीड़ित लोगों की जानकारी अन्ना नगर, भीम नगर और वल्लभ नगर के निवासियों से ली गई थी, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 8 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर हैं। यहां कुल 25 हजार 528 गैस पीड़ितों में से 30 में कैंसर के लक्षण है।


