भास्कर न्यूज | जांजगीर धान खरीदी की अवधि 31 जनवरी को समाप्त होने के बाद जिले में कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए थे। इसे लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ी और कई समितियों में विरोध प्रदर्शन हुए। जांजगीर में एक किसान हाइटेंशन टावर पर चढ़ गया, जिससे काफी देर तक हंगामा हुआ। वहीं अकलतरा तहसील क्षेत्र में एक किसान ने धान नहीं बेच पाने और अन्य परेशानियों से तंग आकर कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। केरा और मिस्दा खरीदी केंद्रों में भी किसानों ने विरोध दर्ज कराया था। किसानों की इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने राहत प्रदान करते हुए धान खरीदी के लिए दो दिन की अतिरिक्त अवधि दी है। अब किसान 5 और 6 फरवरी को धान बेच सकेंगे। इस अवधि में न तो नया टोकन जारी होगा और न ही नया पंजीयन किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार निर्दिष्ट तीन श्रेणियों के किसान ही इस अवधि में धान बेच सकेंगे। संबंधित अधिकारियों को बारदाना की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने, हमालों की संख्या रखने और खरीदी को सुचारु व समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। 29 जनवरी तक जांजगीर-चांपा में 524 किसानों ने टोकन के लिए आवेदन किया था। भौतिक सत्यापन में किसानों के पास 30,916 क्विंटल धान पाया गया। सक्ती में 522 किसानों ने आवेदन किया था, जहां भौतिक सत्यापन में 81,000 क्विंटल धान मिला। भौतिक सत्यापन होने के बाद भी टोकन पेंडिंग था।


