10 जनवरी के बाद टोकन के लिए अर्जी देने वाले किसान आज और कल बेच सकेंगे धान

भास्कर न्यूज|बालोद जिले के 143 केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों को 5 और 6 फरवरी को दो दिन और मौका दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में निर्णय लेकर अफसरों को 5 एवं 6 फरवरी को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने निर्देश दिए है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अवर सचिव भूपेन्द्र सिंह राजपूत ने दिशा निर्देश जारी कर संबंधित धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था निश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिशा-निर्देश जारी कर किसानों के हित में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की समय अवधि में दो दिन का इजाफा किया है। जारी निर्देश के अनुसार ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी के बाद टोकन के लिए आवेदन किया गया है लेकिन सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी के बाद आवेदन किया है एवं सत्यापन के बाद धान पाया गया है। ऐसे किसान जिन्होंने 28, 29 एवं 30 जनवरी को टोकन प्राप्त किया है लेकिन किसी कारणवश धान बेच नहीं पाए हैं। ऐसे किसानों का धान 5 व 6 फरवरी को केंद्रों में खरीदा जाएगा। एक बार भी धान बेच नहीं पाए 7 हजार 239 किसान जिला सहकारी बैंक के अनुसार जिले के 143 खरीदी केंद्रों में 15 नवंबर से 30 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर 70 लाख 895.60 क्विंटल धान खरीदी हुई है। जिले के एक लाख 47 हजार 880 किसानों ने धान बेचा है। जो कुल पंजीकृत किसान का 95.33% है। कुल एक लाख 55 हजार 119 किसान पात्र थे। इस लिहाज से 7 हजार 239 किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए है। हालांकि इनमें से कितने किसान 10 जनवरी के बाद टोकन के लिए आवेदन किया है। इस संबंध में जिला नोडल अफसर सीआर रावटे सहित अन्य विभागीय अफसर बता नहीं पा रहें है। कहां कितने किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए बालोद तहसील में 925 किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए है। वहीं गुरूर तहसील में 851 किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए। अर्जुंदा तहसील में 807, मार्रीबंगला देवरी तहसील में एक हजार 162 किसान धान बेच नहीं पाए है। वहीं डौंडी तहसील में पंजीयन के बावजूद एक हजार 301 किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए। डौंडीलोहारा तहसील में एक हजार 130 और गुंडरदेही तहसील में एक हजार 63 किसान एक बार भी धान बेच नहीं पाए है। जिला सहकारी बैंक के अनुसार पहली बार जिले के एक लाख 31 हजार 949 किसानों ने 17 हजार 694.67 हेक्टेयर रकबे का समर्पण किया है।

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