दैनिक भास्कर वार्ड टॉक- पार्षद चिंटू चौकसे से सीधी बात:बोले- अमृत 2 आएगा तब ही कई इलाकों में पानी पहुंच पाएगा; कुत्तों की सबसे ज्यादा शिकायतें

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है। जनता उसे कैसे देखती है। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू किया है। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 21, जहां से पार्षद हैं चिंटू चौकसे। यहां क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं। जनता 10 में से उन्हें कितने नंबर देती है? आज का वार्ड टॉक में जानिए काम का पूरा हिसाब… सवाल: आपके वार्ड का काम कौन सा अधूरा है और क्यों?
जवाब: ‌कुछ कॉलोनियां हैं, जहां पर हमको नर्मदा का पानी व्यवस्थित तरीके से पहुंचाना है। तमाम प्रयासों के बाद भी हम वहां पर सही तरीके से पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जैसे काशीपुरी, न्यू हीरा नगर, श्याम नगर एनएक्स में भी कम पानी की सप्लाई होती है। भाग्यलक्ष्मी नगर की कुछ गलियों में भी नर्मदा का पानी बहुत कम प्रेशर से जाता है। जितने प्रयास से हम कर चुके हैं, उसके बाद भी वहां पानी नहीं पहुंचा। मुझे लगता है कि नई टंकी बनेगी और अमृत 2 जब आएगा तब उसका पानी मिलेगा। तभी वहां तक पानी पहुंच पाएगा। मुझे लगता है यह काम है, जो अधूरा है। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत कौन सी आती है?
जवाब: ये वार्ड काफी पिछड़ा था। हमने धीरे-धीरे करते इसको व्यवस्थित करने का प्रयास किया। वर्तमान में जो शिकायतें आती हैं, वह कुत्तों को लेकर है। दूसरी गंदे पानी को लेकर समस्या है। गंदे पानी की समस्या तो हमने मिल-जुलकर अच्छी स्थिति में ला दिया है। आज की स्थिति में मेरे वार्ड में गंदे पानी की समस्या नहीं है। पहले थी। अब हमने उसको दुरुस्त कर दिया है। कुत्तों की समस्या के लिए नगर निगम, एनजीओ, डॉग्स की वैक्सीनेशन करने वाली टीम को भी बोल चुके हैं, लेकिन नगर निगम कुत्तों की समस्या में फेल्यूअर है। आम जन बहुत ज्यादा परेशान है। सवाल: आपके वार्ड में ऐसा कौन-सा प्रयोग है, जो आपने किया हो और जिससे कुछ बदलाव देखने को मिला हो?
जवाब: वीणा नगर और अभिनंदन नगर में जलभराव की समस्या थी। हमने बड़े स्तर पर प्रयास किया और बरसात का पानी कान्ह नदी तक पहुंचाया। इसके लिए बहुत लंबी लाइन डाली गई। इसी तरह मंगल नगर में भी पानी भरता था, उसे लेकर भी हमने प्रयास किए। आज स्थिति यह है कि यहां बरसात का पानी नहीं भरता है। दूसरी बात यह है कि नर्मदा का पानी पहले केवल सुबह एक समय आता था, जिससे पानी की पूर्ति नहीं हो पाती थी। इंदौर में पानी की टंकी सबसे निचले स्तर पर है। हमने प्रयास किया कि शाम के समय भी पानी उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में पानी कम प्रेशर से थोड़ी देर के लिए ही आता था, वहां हमने डबल सप्लाई शुरू कराई, जिससे वहां के लोगों को नर्मदा का पानी बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सके।

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