भारत-अमेरिका डील के तहत अतिरिक्त टैरिफ को 50 से घटाकर 18 फीसदी करने के बाद अमेरिका के एरिजोना प्रांत में चल रहे तुसान शो में खाली पड़ी जयपुर के ज्वैलर्स की स्टॉल और पवेलियन पर खरीदार लौट आए हैं। यह शो 15 जनवरी को शुरू हुआ था, जो 15 फरवरी तक चलेगा। इस शो में जयपुर के 100 से ज्यादा ज्वैलर्स ने रत्नभूषण की स्टॉल लगाई है। इसके लिए ज्वैलर्स ने करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पहले ज्यादा टैरिफ के कारण अमेरिकी खरीदारों ने भारतीय ज्वैलर्स से दूरी बना ली थी, लेकिन टैरिफ में कमी की घोषणा के साथ ही खरीदार रत्नभूषण के नए सौदों के लिए बातचीत कर रहे हैं। बता दें कि पिछले शो के दौरान जयपुर के जवाहरात व्यापारियों को करीब 1 हजार करोड़ का ऑर्डर मिले थे। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवंर्धन परिषद के मुताबिक, हर साल होने वाले इस शो में भारत से करीब 225 ज्वैलर्स हिस्सा लेते हैं। इनमें से लगभग 40 फीसदी जयपुर के होते हैं। शो में हिस्सा लेने वाले जौहरियों ने फोन पर भास्कर को बताया कि भारत-अमेरिका डील से उनका करीब 100 करोड़ रुपए का नुकसान होने से बच गया। -अमेरिका से निर्मल बरड़िया, सुनील कोठारी और राजेश धामाणी ने जैसा बातचीत में बताया 18,000 करोड़ के रत्भूनषण का निर्यात हुआ था राजस्थान से पिछले वित्त वर्ष में टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद 10 दिन में बड़ी डील फाइनल होगी तुसान शो में हिस्सा लेने गए जयपुर के जवाहरात व्यवसायी और ज्वैलर्स एसोसिएशन के महासचिव नीरज लुणावत ने बताया कि दो दिन से जयपुर के ज्वैलर्स के बूथों पर अमेरिकी खरीदार बढ़ गए। डील से पहले दूसरे देशों के खरीदार तो आ रहे थे, लेकिन अमेरिकी खरीदारों ने दूरी बना रखी थी। लेकिन इंडिया-यूएस ट्रेड डील ने सारा माहौल बदल दिया। शो 15 फरवरी तक चलेगा। ऐसे में बचे 10-12 दिन जयपुर के जेम्स-ज्वैलरी निर्यातकों को अच्छी तादाद में ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण नुकसान की आशंका से स्टॉल बुक कराने वालों में से करीब 60 ज्वैलर ही तुसान शो पहुंचे हैं। टैरिफ में कटौती करने से जयपुर के ज्वैलर्स को राहत मिली है।


