नया आदेश:राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी में जमीन की कीमत घटी

जमीन की सरकारी कीमत को लेकर राज्यभर में उठा विवाद अब खत्म हो रहा है। पंजीयन विभाग सभी जिलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर रहा है। रायपुर और कोरबा जिले के बाद बुधवार को राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी जिले के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। दावा किया जा रहा है कि इन सभी जगहों पर जमीन की कीमत 100 फीसदी तक कम की गई है। इन जिलों में जमीन की सरकारी कीमत 100 से 300 फीसदी तक बढ़ाई गई थी। राज्य के अब सभी प्रमुख जिलों में नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई समेत सभी रियल एस्टेट के जानकारों का दावा है कि पिछले दो महीने की तुलना में अब रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या भी बढ़ेगी। गाइडलाइन जारी करने के साथ ही इस बार इन सभी जिलों में सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया गया है। इसके साथ ही नवा रायपुर के भी सभी गांवों की भी संशोधित गाइडलाइन दरों को ऑनलाइन अपडेट कर दिया गया है। बुधवार को नवा रायपुर पंजीयन दफ्तर में संशोधित कीमतों के साथ ही रजिस्ट्री होती रही। कीमतें अपडेट होने की वजह से सभी रजिस्ट्रियां ऑनलाइन हो रही हैं। इन सभी जिलों से नई गाइडलाइन मिलने के बाद महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इसी बैठक में सभी संशोधित गाइडलाइन को मंजूरी दी गई है। आईजी का कहना है अब बाकी जिलों की भी गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी, लेकिन इन जिलों में ज्यादा विवाद नहीं है। इन जिलों में राज्य सरकार को पंजीयन भी बेहद कम मिलता है। गौरतलब है कि रजिस्ट्री से सबसे ज्यादा राजस्व रायपुर जिले से प्राप्त होता है। इस जिले से औसतन हर साल 1000 करोड़ की रजिस्ट्री होती है।
अब यही दरें 2026-27 के लिए भी रहेंगी
रजिस्ट्री के लिए जमीन की जो सरकारी कीमत जारी की जा रही है वो 2026-27 में भी लागू रहेंगी। यानी 31 मार्च के बाद नई गाइडलाइन के लिए कोई मशक्कत नहीं की जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रजिस्ट्री इन्हीं संशोधित कीमतों से ही होगी। अफसरों का कहना है कि अब राज्यभर में डायनामिक रेट सिस्टम लागू किया जा रहा है। यानी किसी भी शहर या जिले में कोई विकास की योजना आती है या नया डेवलप होता है, उसके अनुसार ही रजिस्ट्री की दरें बदली जा सकती हैं। इसके लिए सालभर का इंतजार नहीं करना होगा। जिलों से मिले प्रस्ताव को उसी समय मंजूरी दे दी जाएगी। नई गाइडलाइन अभी ही तैयार की गई है, इसलिए फरवरी-मार्च में किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है। गाइडलाइन जारी होने की तारीख से ही लागू
जिलों की संशोधित गाइडलाइन लगातार जारी की जा रही है। जिलों से प्रस्तावों के आधार पर जमीन की कीमत कम की गई है। नई गाइडलाइन को सॉफ्टवेयर में तत्काल अपडेट किया जा रहा है। इस वजह से गाइडलाइन जारी होने की तारीख से ही संशोधित कीमतों से रजिस्ट्री हो रही है। -पुष्पेंद्र कुमार मीणा, महानिरीक्षक पंजीयन विभाग

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