छतरपुर के ग्रेनाइट माइनिंग घोटाले पर हाई कोर्ट सख्त:30 हजार करोड़ के माइनिंग घोटाले के आरोपों पर शासन से जवाब-तलब

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने छतरपुर जिले में सामने आए कथित बड़े ग्रेनाइट माइनिंग घोटाले को गंभीर मानते हुए राज्य शासन से जवाब मांगा है। कोर्ट ने खनिज विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। दरअसल, छतरपुर में 30 हजार करोड़ रुपए के ग्रेनाइट माइनिंग घोटाले के आरोपों को लेकर हाई कोर्ट ने खनिज विभाग सचिव सहित मध्य प्रदेश स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (एमडी), कलेक्टर छतरपुर समेत अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह है मामला छतरपुर की ग्राम पंचायत भैरा के सरपंच शिवराम दीक्षित और दिलीप सिंह ने जनहित याचिका दायर की है। अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने कोर्ट को बताया कि 1997 से अनूपपुर की किसान मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड को ग्रेनाइट खनन का ठेका दिया जा रहा था। समझौते के तहत रॉयल्टी और डेवलपमेंट फीस देनी थी, लेकिन गड़बड़ी हुई। 2021 की जांच में सिर्फ 19 करोड़ की रॉयल्टी चोरी आंकी गई। कंपनी ने बैंक गारंटी भी जमा नहीं की और 2024 की जांच दबाने का आरोप है।

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