मनरेगा में बदलाव के विरोध में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर किया धरना-प्रदर्शन

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नियमों में किए गए बदलावों को लेकर कांग्रेस ने जमकर नाराजगी जताई और इसे देश के युवाओं और गरीबों के साथ बड़ा धोखा करार दिया। धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी राजेश चौधरी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में बदलाव करके देश के गरीब, बेरोजगार, शोषित और वंचित लोगों के साथ अन्याय किया है। कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीब, मजदूर और किसान के हित में नीतियां बनाती रही है। पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने केंद्र सरकार के इस कदम को युवाओं और बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ बताया। इन बदलावों से देश में बेरोजगारी और असमानता बेतहाशा बढ़ेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से योजना में किए गए बदलावों को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश सूपा ने कहा कि इस योजना की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी दलों के सहयोग से की थी, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी। लेकिन अब नए नियमों के तहत 40% खर्च राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है, जिससे राज्य सरकारों की इस योजना में रुचि कम होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के दिनों को घटाकर और रोजगार देने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़कर केंद्र ने गरीबों के साथ सरासर अन्याय किया है। सूपा ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस और ग्रामीण युवा इस बदलाव के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार आंखें बंद किए बैठी है। धरने का संचालन संगठन महासचिव योगेश सिंघल ने किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दयाचंद पचौरी, दीनदयाल जाटव, प्रशांत उपाध्याय, देशराज पहाड़िया, भगवान कटारा, रिक्की सिंह हंतरा, बबीता शर्मा, जगदीश बंजी, हरजीत सांखला, रेनू गौरावर, अकलेश, गजेंद्र सिंह, रविंद्र प्रधान, रामेश्वर सैनी, लक्ष्मीनारायण सैन, आरती आदि लोग मौजूद रहे।

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