बैतूल का ₹9.84 करोड़ साइबर ठगी मामला:राज्य साइबर पुलिस भोपाल को सौंपी जांच, ऑनलाइन बेटिंग और बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन से हुआ खुलासा

बैतूल जिले से जुड़े ₹9.84 करोड़ की साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के बड़े मामले की जांच अब राज्य साइबर एवं उच्च तकनीकी अपराध थाना, भोपाल को सौंप दी गई है। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क दुबई कनेक्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है, जिसके चलते मामला राज्य स्तर की एजेंसी को ट्रांसफर किया गया है। बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन से हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया, जब अहिल्यानगर जिले के एक बैंक खाताधारक के खाते में संदिग्ध राशि आने पर बैंक ने उसका खाता सीज कर दिया। खाताधारक की शिकायत पर बैंक के साइबर सेल ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सुराग बैतूल जिले के खेड़ी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा तक पहुंचे, जहां एक मजदूर बिसराम के खाते में करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला। खुद को बताया अनजान, फिर खुला बड़ा नेटवर्क पूछताछ में बिसराम ने पूरे मामले से अनजान होने की बात कही और तुरंत इसकी शिकायत बैतूल एसपी और कलेक्टर से की। इसके बाद जिला साइबर सेल बैतूल ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग एप्स के जरिए एक बड़ा ठगी नेटवर्क देशभर में सक्रिय था, जो करोड़ों रुपये का लेन-देन कर रहा था। मनी म्यूल अकाउंट से घुमाया गया ठगी का पैसा जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए “मनी म्यूल अकाउंट्स” का इस्तेमाल किया। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में
राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत, अमित अग्रवाल, राजेन्द्र राजपूत और ब्रजेश महाजन शामिल हैं। वहीं, शुभम माहेश्वरी उर्फ रॉनी, नेल्सन और आकाश जैन उर्फ मुशी जैसे आरोपी दुबई में रह रहे हैं और फरार बताए जा रहे हैं। राज्य साइबर थाना भोपाल को सौंपी गई केस डायरी डीजीपी के आदेश और एसपी कार्यालय के निर्देशों के पालन में 21 जनवरी को बैतूल पुलिस ने केस डायरी, एफएसएल ड्राफ्ट, जब्त डिजिटल सामग्री और सभी जांच दस्तावेज राज्य साइबर थाना भोपाल को सौंप दिए हैं। एसपी बोले – अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, हाईटेक जांच की जरूरत एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि उन्होंने इस मामले को राज्य साइबर पुलिस को सौंपने के लिए पुलिस मुख्यालय में निवेदन किया था। उन्होंने कहा, “यह मामला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा है। इसमें उन्नत साइबर तकनीक और हाईटेक संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए इसे राज्य स्तरीय एजेंसी को सौंपा गया है।” अब दुबई कनेक्शन और मनी ट्रेल पर फोकस राज्य साइबर पुलिस अब इस नेटवर्क की मनी ट्रेल, विदेशी लेन-देन और दुबई में बैठे मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की कोशिश करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, “यह मामला अब सिर्फ साइबर ठगी नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध का रूप ले चुका है।”

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *