सतना में थैलेसीमिया पीड़ित चार बच्चों में एचआईवी संक्रमण पाए जाने के मामले को लेकर केन्द्रीय औषधधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की टीम ने दो महीने बाद एक बार फिर जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के दस्तावेजों की गहन जांच की। यह जांच सुबह 9 बजे से शाम करीब 6 बजे तक, लगभग 9 घंटे चली। दो सदस्यीय टीम ने रिकॉर्ड खंगाले जांच के लिए आई दो सदस्यीय टीम में सहायक औषधि नियंत्रक पुष्पराज कुमार सिंह और औषधि निरीक्षक सचिन कुमार बी. कपसे शामिल थे। बंद कमरे में हुई इस जांच में 14 बिंदुओं पर ध्यान दिया गया। टीम ने यह देखा कि पिछली जांच के बाद दिए गए सुधार निर्देशों का कितना पालन किया गया है और क्या अभी भी कोई खामियां मौजूद हैं। इस दौरान ब्लड बैंक के सभी रिकॉर्ड बारीकी से जांचे गए। रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। फिलहाल जांच के नतीजों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही जांच के निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है। जांच के दौरान बंद रहा ब्लड बैंक गेट जैसे ही सीडीएससीओ की टीम ब्लड बैंक पहुंची, मुख्य गेट आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया और एक सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिया गया। इससे ब्लड लेने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई और दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। टीम के शाम करीब 7 बजे रवाना होने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। पहले भी हो चुकी है जांच गौरतलब है कि इसी मामले में 3 फरवरी को सीडीएससीओ टीम ने बिरला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की भी जांच की थी। जांच के दौरान ब्लड बैंक में एक युवक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मैहर के चकेरा निवासी वीरेन्द्र कुमार की पत्नी रन्नू मैहर सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। अधिक रक्तस्राव के कारण उनका हीमोग्लोबिन 3.9 ग्राम तक पहुंच गया है। डॉक्टरों ने 3 यूनिट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी। वीरेन्द्र ने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे ब्लड बैंक पहुंचे और प्रक्रिया के तहत ए पॉजिटिव ब्लड डोनेट कराया। इसके बावजूद टेस्ट और सेपरेशन का हवाला देकर उन्हें शाम 5 बजे तक ब्लड नहीं दिया गया। अंततः शाम साढ़े 5 बजे ब्लड मिल पाया। जबकि नियमानुसार अधिकतम 2 घंटे में ब्लड उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, क्लिया मशीन के बार-बार खराब होने से देरी हुई। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 4 बच्चों को चढ़ाया ‘एड्स’ वाला खून…हो गए HIV पॉजिटिव सतना जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की लापरवाही से थैलेसीमिया से पीड़ित 4 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। मामला चार महीने पुराना बताया जा रहा है, जिसका खुलासा अब हुआ है। चारों बच्चों की उम्र 8 से 11 साल के बीच है। थैलेसीमिया से पीड़ित इन बच्चों को नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। पूरी खबर पढ़ें…


