डीग जिले की कामां विधायक नौक्षम चौधरी ने जयपुर में विधानसभा सत्र के दौरान अपने क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने साइबर ठगी और विकास की कमी को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। विधायक ने कहा कि उनके क्षेत्र कामां को पहले ‘जामताड़ा’ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारें साइबर अपराधियों को संरक्षण देती थीं। उन्होंने बताया कि पहले साइबर ठगों की 42 हजार के करीब लोकेशन आती थीं, जो अब घटकर 12 हजार रह गई हैं। इस संबंध में 332 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 2,235 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने का दावा किया। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नौक्षम चौधरी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 5 दशकों से दलित, अनुसूचित जनजाति और मुस्लिम समुदाय कांग्रेस का सबसे बड़ा वोट बैंक रहा है, लेकिन इसका परिणाम यह हुआ कि इन समुदायों को गरीबी रेखा से नीचे धकेल दिया गया। उन्होंने कामां विधानसभा का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक है, जहां साक्षरता दर मात्र 52% है और रोजगार के अवसर लगभग शून्य हैं।
विधायक ने आगे कहा कि कामां विधानसभा में पिछले 70 सालों में एक भी बस स्टैंड नहीं बन पाया, जबकि कांग्रेस ने इनमें से 50 साल तक शासन किया है।


