हरदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई ने आरोप लगाया है कि जिले में निर्वाचन आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। वह भाजपा के एजेंट की तरह व्यवहार कर रहा है। उनका कहना है कि निर्वाचन इकाई मतदाताओं को परेशान कर रही है और हजारों वोटरों को मतदाता सूची से नाम हटाने के नोटिस भेजे गए हैं, जो पूरी तरह गलत है। मोहन सांई ने बताया कि इससे पहले निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियुक्त कर्मचारियों ने सभी राजनीतिक दलों के बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) को उनके-अपने मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची का वाचन कराया था। उस समय यह भी स्पष्ट किया गया था कि कितने नाम शिफ्टिंग, नो-मैपिंग या मृत्यु के कारण हटाए गए हैं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी दलों के बीएलए-2 के हस्ताक्षर भी लिए गए थे। नाम में गलत बताकर मांग रहे डॉक्यूमेंट
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि अब उन्हीं मतदाताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिनके नाम पहले सही तरीके से मैपिंग में थे और जो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में भी शामिल थे। संबंधित बीएलओ अब नाम में गलती बताकर उनसे दस्तावेज मांग रहे हैं, जो पूरी प्रक्रिया को संदेहास्पद बनाता है। मोहन सांई ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए तो जिले के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत कर कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि तय समय सीमा के बाद भी फॉर्म-7 स्वीकार किए जाने को लेकर कांग्रेस विधायक आरके दोगने ने भी सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी।


