छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक वनकर्मी को जमानत पर छुटे 2 आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। साथ ही गाली-गलौज कर उसे मारने दौड़ाया। वहीं दूसरे मामले में वनकर्मियों से 3 लोगों ने कार्रवाई पर विवाद किया। ऐसे में पुलिस ने दोनों मामलों के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक वन परिक्षेत्र तमनार में वनपाल के पद पर पदस्थ गोपी सिंह राठिया ने घरघोड़ा थाना में आवेदन दिया कि मंगलवार को केराखोल पश्चिम क्षेत्रा में लैंड बैंक सर्वे के लिए ड्यूटी पर गया था। तभी बीरसिंह मांझी व जयकुमार मांझी मौके पर पहुंचे और पूर्व प्रकरण में जेल भेजे जाने की बात को लेकर दोनों आक्रोशित होते हुए सरकारी काम में बाधा डाला। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर डंडे से मारपीट करने के लिए दौड़ाया। जहां गोपी सिंह की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पूर्व में वन विभाग के किसी अपराधिक प्रकरण में जेल गए थे और हाल ही में जमानत पर रिहा हुए थे।
वनकर्मियों से विवाद करने वालों पर कार्रवाई
दूसरा मामला ग्राम खोखरोआमा क्षेत्र का है। जहां घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी व वनकर्मी खोखरोआमा क्षेत्र में निजी भूमि पर प्रतिबंधित वृक्ष प्रजाति की अवैध कटाई-छिलाई की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे। जहां उनके द्वारा पूछताछ की गई। तभी प्रेमचंद राजपूत, संतोष कुमार राजपूत व राजेश राजपूत आक्रोशित होकर विवाद करने लगे। इसी दौरान घरघोड़ा पुलिस पेट्रोलिंग पर थी और वह भी मामले की सूचना पर मौके पर पहुंच गई। जहां पुलिस ने उन्हें समझाइश दी, लेकिन इसके बावजूद नहीं मानने पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इनके खिलाफ अलग से धारा 126, 135(3) BNS का दर्ज कर SDM न्यायालय में पेश किया गया। जहां से आरोपियों को जेल भेजा गया है।


