दतिया में सौंदर्यीकरण के नाम पर बन रही सड़क में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिविल लाइन से सेवड़ा चुंगी तक करीब 14 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से बन रही 4 किलोमीटर लंबी सड़क के नीचे 55 करोड़ की सीवर लाइन और चेंबर दबा दिए गए हैं। एमपीआरडीसी (MPRDC) द्वारा किए जा रहे इस निर्माण से भविष्य में जल निकासी और सफाई का संकट खड़ा हो गया है। मामले में कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने एजेंसी के अफसरों को तलब किया है, वहीं नगर पालिका CMO ने नोटिस जारी किया है। दतिया में सिविल लाइन क्षेत्र से लेकर पीतांबरा मंदिर और सेवड़ा चुंगी तक करीब 4 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क डाली जा रही है। इसकी लागत लगभग 14 करोड़ 87 लाख रुपए है। इस सड़क निर्माण की जिम्मेदारी एमपीआरडीसी कंपनी को सौंपी गई है। लेकिन सड़क निर्माण के दौरान नगर पालिका द्वारा 55 करोड़ रुपए की लागत से बिछाई गई सीवर लाइन और उसके चेंबरों को सड़क के नीचे दबा दिया गया, जिससे पूरा मामला विवादों में आ गया है। सफाई और मेंटेनेंस पर खड़ा हुआ संकट सीवर लाइन के ऊपर पक्की सड़क बनने से निकट भविष्य में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा खड़ा हो गया है। अगर भविष्य में लाइन चोक होती है, तो सीवर चेंबरों के दब जाने से मरम्मत और सफाई कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। कलेक्टर ने किया तलब, CMO ने थमाया नोटिस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने तत्काल सड़क निर्माण एजेंसी एमपीआरडीसी के अधिकारियों को तलब करने की बात कही है। वहीं, दतिया नगर पालिका के सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने कड़ा एतराज जताते हुए एमपीआरडीसी कंपनी को नोटिस जारी किया है। अफसरों के तालमेल पर उठे सवाल कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान सीवर लाइन और चेंबरों का दब जाना गंभीर जांच का विषय है। जल्द ही निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया जाएगा और सीवर लाइन को पूरी तरह सुरक्षित कराया जाएगा। हालांकि, इस पूरे मामले ने निर्माण एजेंसी की लापरवाही के साथ-साथ प्रशासनिक समन्वय (तालमेल) पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


