टॉयलट नहीं होने से छात्राएं पानी नहीं पीती:कोर्ट की सख्ती के बाद अलवर में 102 सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों शौचालय बनाने का फैसला

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश के जर्जर सरकारी स्कूलों को लेकर तीन दिन पहले सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह शर्म की बात है कि काफी स्कूलों में छात्राएं इसलिए पानी नहीं पीती हैं कि वहां टॉयलेट नहीं हैं। इसलिए स्कूल में टॉयलेट नहीं जा सकती हैं। उसके बाद अलवर प्रशासन ने 102 सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में बालिका शौचालय बनाना तय किया है। जो अगले तीन महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सालुखे गौरव रवीन्द्र ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देश पर जिले के कठूमर, गोविंदगढ़, रामगढ़, थानागाजी, मालाखेडा, रैणी, राजगढ़, उमरैण एवं लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों एवं आंगनबाडी केंद्रों का ब्लॉकवार सर्वे कराया गया। जिसके आधार पर 37 राजकीय विद्यालयों एवं 65 आंगनबाडी केंद्रों में बालिका शौचालयों का निर्माण आगामी तीन माह में कराया जाना तय हुआ है। यहां बालिका शौचालय की सख्त जरूरत महसूस हुई। ताकि आगामी सत्र में छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमामय वातावरण मिल सकेगा। शौचालयों की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी तथा बुनियादी सुविधा की उपलब्धता से बालिकाओं की विद्यालय एवं आंगनबाडी केंद्रों में उपस्थिति बढ़ेगी और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।

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