पचपदरा रिफाइनरी से बाड़मेर बनेगा पश्चिमी-राजस्थान का प्रमुख रेल हब:16.81 करोड़ तैयार हुआ रेलवे स्टेशन, पुनर्विकास में स्थानीय कला एवं संस्कृति का समावेश

भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बाड़मेर रेलवे स्टेशन का जीर्णोद्धार पश्चिमी राजस्थान के रेल मानचित्र को नई दिशा देने जा रहा है। लगभग 16.81 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा यह कार्य अब अंतिम चरण में है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया- योजना का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक रेलवे स्टेशन उपलब्ध कराना है। जिसमें स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को भी प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में 1275 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास वाली इस योजना में राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, नोखा, बालोतरा जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार बाड़मेर सहित पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों श्रीगंगानगर,बीकानेर,जैसलमेर और बाड़मेर में रेलवे के ढांचागत विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल के वर्षों में समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) फलौदी-जैसलमेर (157 किमी) रेलखंडों का इलेक्ट्रिफिकेशन पूर्ण हो चुका है। जिससे ट्रेनों की गति, परिचालन क्षमता और ऊर्जा दक्षता में सुधार हुआ है। नई रेल लाइनों के सर्वे और प्रस्तावित परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगी। रेल हब के रूप में उभरेगा बाड़मेर स्टेशन का आधुनिकीकरण,नई रेल लाइनें,इलेक्ट्रिफिकेशन और रिफाइनरी से जुड़ा माल यातायात इत्यादि सभी पहल बाड़मेर को आने वाले समय में पश्चिमी राजस्थान के एक प्रमुख रेलवे जंक्शन और क्षेत्रीय रेल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत कदम हैं।
इससे न केवल यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिलेंगी,बल्कि औद्योगिक निवेश,पर्यटन (जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र) और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। पचपदरा रिफाइनरी से बढ़ेगा माल यातायात बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी के कारण इलाके में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए बालोतरा से पचपदरा तक 11 किमी नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी जा चुकी है। जिसकी लागत लगभग 33 लाख रुपए है। इस रेल कनेक्टिविटी से पेट्रोल, डीजल, नेफ्था जैसे रिफाइनरी उत्पाद रेल मार्ग से देशभर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, माल यातायात बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रेल प्रोजेक्ट्स विकास के लिए गेम-चेंजर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने कहा- सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इसका रणनीतिक महत्व भी और अधिक सुदृढ़ होगा। कुल मिलाकर अमृत भारत स्टेशन योजना और इससे जुड़े सभी रेल प्रोजेक्ट्स बाड़मेर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान के समग्र विकास के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहा स्टेशन पुनर्विकास कार्य के अंतर्गत बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
● आधुनिक व विशाल वेटिंग हॉल
● रिटायरिंग रूम और उन्नत शौचालय
● सुव्यवस्थित सर्कुलेटिंग एरिया व पार्किंग व्यवस्था
● नए टिकट काउंटर और आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार
● बेहतर प्रकाश, सुरक्षा और यात्री सूचना प्रणाली
● स्टेशन भवन के डिजाइन में स्थानीय स्थापत्य शैली और संस्कृति की झलक भी दिखाई देगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *