एप्सटीन फाइल्स में ‘बॉलीवुड गाय’ के रूप में नाम आने की चर्चा पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने चुप्पी तोड़ी है। कश्यप ने कहा कि उनका एप्सटीन फाइल्स या जेफरी एप्सटीन की किसी भी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अनुराग कश्यप का नाम एप्सटीन फाइल्स में “बॉलीवुड गाय” के तौर पर आया है। उनका नाम सिर्फ एक जगह “फेमस बॉलीवुड डायरेक्टर” के रूप में लिया गया है। इसमें कंप्यूटर साइंटिस्ट बेन गोएर्टजेल, रिसर्चर ब्रूस डेमर और डीजे स्पूकी जैसे लोगों का भी जिक्र है। शंघाई में एक प्लान किए गए इवेंट के लिए कश्यप को संभावित गेस्ट के तौर पर लिस्ट किया गया था, जिसमें बौद्ध धर्म, टेक्नोलॉजी और हीलिंग पर वर्कशॉप होनी थीं। यह जानकारी एपस्टीन, साइकेट्रिस्ट ग्यूसेप बर्सानी और एकेडेमिक्स गीनो यू और ओर्नेला कोराजा के बीच हुए ईमेल्स में मिलती है। हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कश्यप कभी ऐसे किसी इवेंट में शामिल हुए थे।
हालांकि, हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में अनुराग कश्यप ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे हर महीने करीब 15 स्पीकर इनविटेशन मिलते हैं। मैं ज्यादातर का जवाब नहीं देता। मैं कभी बीजिंग गया ही नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे डॉक्यूमेंट भरोसे के लायक नहीं लगते। उनके मुताबिक, यह एक सामान्य ईमेल है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम पर बनने वाली क्लिकबेट खबरें उनकी फिल्मों से ज्यादा चलती हैं। गौरतलब है कि अनुराग कश्यप की फिल्में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जाती रही हैं और उनकी पहचान एक ग्लोबल फिल्ममेकर के तौर पर भी रही है। कश्यप की गैंग्स ऑफ वासेपुर, रमन राघव 2.0, अग्ली और केनेडी जैसी फिल्में कान्स में प्रदर्शित की गईं। फिल्म केनेडी को वहां लंबे समय तक तालियां मिलीं और यह जल्द ओटीटी पर रिलीज होने वाली है। कश्यप की फिल्में वेनिस और टोरंटो जैसे बड़े फिल्म समारोहों में भी दिखाई गई हैं। साल 2025 में उनकी फिल्म निशांची को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चुना गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान को देखते हुए फ्रांस सरकार ने उन्हें ‘नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स’ सम्मान दिया था।


