विंध्य अंचल में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मऊगंज के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता लक्ष्मण तिवारी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने रीवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी संगठन, गुटबाजी और जिला नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। लगभग 31 वर्षों तक सक्रिय राजनीति में रहने के बाद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जमीनी मुद्दों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में गुटबाजी हावी है और ईमानदारी से काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाती। तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी नहीं दी जाती थी, जिससे उन्हें लगातार अपमान और उपेक्षा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष को उन्हें नोटिस देने का कोई अधिकार नहीं है, फिर भी ऐसी कार्रवाई की जा रही है। अंदरूनी खींचतान पार्टी के लिए हानिकारक पूर्व विधायक के अनुसार, कांग्रेस वर्तमान में जनहित के किसी भी मुद्दे पर मजबूती से खड़ी नहीं दिखती, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है। उन्होंने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को कांग्रेस के भविष्य के लिए हानिकारक बताया। लक्ष्मण तिवारी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे अपने अगले राजनीतिक कदम की घोषणा नहीं कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब उनका कोई भविष्य नहीं है।


