भगवान पार्श्वनाथ के च्यवन व जन्म कल्याणकउत्सव में हुई नृत्य नाटिका, पूजा व भक्ति संगीत

गंगाशहर के गोल मंदिर में गुरुवार को पांच दिवसीय अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव में देव, गुरुव धर्म के प्रति आस्था व विश्वास का सैलाब दिखा। अंजन शलाका-प्रतिष्ठा महोत्सव भगवान पार्श्वनाथ मंदिर जीर्णोंद्धार ट्रस्ट एवं सेठ फौजराज बांठिया पार्श्वनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट, गंगाशहर व के तत्वावधान में किया गया। आयोजनखरतरगच्छाधिपति, आचार्य जिनमणिप्रभ सूरिश्वर महाराज, गणिवर्य मयंक प्रभा सागर, मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, मीत प्रभ सागर, साध्वीदीपमाला व शंखनिधि जैन श्वेताम्बर पार्श्वचन्द्र गच्छ की साध्वी पद्म प्रभा व सुव्रताश्रीजी के सान्निध्य मेंहुआ। प्रतिष्ठा पंचाह्निका महोत्सव के दूसरे दिन काआयोजन तेरापंथ भवन में अस्थाई रूप से स्थापितवाराणसी नगर में मुंबई के संगीतकार नरेन्द्र भाईवाणीगोता के निर्देशन में परमात्मा पार्श्वनाथ केच्यवन व जन्म कल्याणक उजवणी (उत्सव) नृत्यनाटिका, शोभायात्रा, पूजन किया गया। नृत्य नाटिकामें मुंबई, सूरत, की वरिष्ठ श्राविका शीबूबांठिया के नेतृत्व श्राविकाएं व ज्ञान वाटिका केबालक-बालिकाओं व वरिष्ठ श्रावकों ने इंद्र, इंद्राणीसहित विभिन्न किरदार निभाएं। परमात्मा के च्यवन वजन्म कल्याणक का वर्णन गीत संगीत के साथ कियागया। इसमें भगवान पार्श्वनाथ की माता को दिखाईदिए 14 स्वप्न दर्शन, स्वप्न फल कथन, छप्पनदिक्कुमारी महोत्सव, इंद्रासन कंपन, इंद्र महोत्सव वअस्थाई रूप से स्थापित मेरू पर्वत पर 250 अभिषेकका तथा श्रीसांवलिया पार्श्वनाथ मंदिर में नई दिल्लीउतर के पुलिस कमीशनर राजा बांठिया के नेतृत्व मेंभक्ति संगीत के साथ पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजाकी गई। शाम को भक्ति का आयोजन हुआ। प्रतिमाओं की स्थापना केसंबंध में मार्गदर्शनगंगाशहर के 177 वर्ष प्राचीनजीर्णेद्धारोपरान्त नवनिर्मित त्रिशिखरीयशिखरबद्ध जिनालय में श्री सांवलियापार्श्वनाथ भगवान सहित 2 प्राचीन व13 नूतन की अंजन शलाका-प्रतिष्ठा 8फरवरी को मंदिर को होगी। इसके साथदेश प्रदेश के अनेक मंदिरों में स्थापितहोने वाली भगवान पार्श्वनाथ, आदिजिन बिम्बों, गुरु प्रतिमा व देवीदेवताओं की करीब 15 प्रतिमाओं कोभी अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव मेंशामिल किया है। गोल मंदिर के साथइन प्रतिमाओं की भी प्रतिष्ठा के लिएअभिमंत्रित व शुद्धिकरण कर स्थापनाके लिए चेतन किया जा रहा है। गणिवर्यमेहुल प्रभ सागर ने गुरुवार को मंदिर मेंपहुंचकर प्रतिष्ठित होने वाली प्रतिमाओंके संबंध में मार्ग दर्शन दिया। आज होंगे परमात्मा के 18 अभिषेकमहोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार 6 फरवरी को सुबहसाढ़े सात बजे जिनालय में परमात्मा के 18अभिषेक, ध्वजदंड, कलशादि अभिषेक , सुबह दसबजे प्रिय दासी द्वारा बधाई, भूवा फूफा द्वारा नामस्थापना, पाठशाला गमन, परमात्मा का विवाह,मायरा, राज्याभिषेक, नवलोकान्ति देवों का आगमनतथा प्रार्थना। शाम छह बहे मेहंदी सांझी का कार्यक्रमहोगा।

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