लुधियाना| पंजाब सरकार द्वारा 308 सब्सिडियरी हेल्थ सेंटरों को आम आदमी क्लिनिक में बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना शहरी के पूर्व अध्यक्ष पवन दीवान ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है और सरकार सिर्फ इमारतों के रंग-रोगन में व्यस्त है। दीवान ने आरोप लगाया कि पहले से चल रहे 881 क्लिनिकों की हालत खस्ता है, जहां न पर्याप्त स्टाफ है और न ही बुनियादी ढांचा। सरकार वास्तविक सुधार करने के बजाय पुरानी डिस्पेंसरियों पर नए साइनबोर्ड लगाकर अपनी नाकामी छिपा रही है। दीवान ने एक गंभीर संवैधानिक मुद्दा उठाते हुए कहा कि ग्रामीण डिस्पेंसरियों को पंचायती राज विभाग के दायरे से बाहर करना 73वें संवैधानिक संशोधन का खुला उल्लंघन है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण की भावना पर हमला बताया और कहा कि पंचायतों से उनके अधिकार छीनकर सरकार स्थानीय स्वशासन की नींव कमजोर कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी और संवैधानिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ का जवाब जनता आगामी चुनाव में देगी। दीवान ने मांग की कि सरकार नए क्लीनिकों के दिखावे के बजाय मौजूदा केंद्रों में डॉक्टरों, दवाओं और मशीनों की कमी को तुरंत दूर करे।


