गृह विभाग ने अब फिर डीसी को रिमाइंडर भेजा झारखंड में अग्निशमन सेवा को आकस्मिक सेवा घोषित है। लेकिन फायर स्टेशन (अग्निशामालय) खोलने की सरकारी तैयारी आज भी कागजों में सुलग रही है। दिसंबर 2023 से इसकी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन 27 महीने बाद भी 18 प्रस्तावित फायर स्टेशन में से 11 स्थानों पर जमीन का अता-पता नहीं है। इससे पूरी योजना अटकी हुई है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है राज्य सरकार ने 10 नए अनुमंडल सहित 18 जगहों पर फायर स्टेशन बनाने की योजना तैयार की थी। अग्निशमन कार्यालय और आवासीय परिसर के लिए संबंधित जिलों के डीसी को जमीन उपलब्ध कराना था। गृह विभाग दिसंबर 2023 से संबंधित जिलों के डीसी को लगातार पत्र लिख रहा है। लेकिन अब तक 11 फायर स्टेशन के लिए जमीन ही नहीं मिली है। अब गृह विभाग ने एक बार फिर गुमला, गोड्डा, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद के डीसी को पत्र भेजा है। उनसे जमीन से संबंधित रिपोर्ट जल्द भेजने को कहा है। फायर स्टेशन न होने का असर फायर स्टेशन न होने से आग लगने की स्थिति में काफी परेशानी होती है। दूर-दराज से फायर ब्रिगेड की गाड़ी आने में काफी समय लगता है। इससे नुकसान ज्यादा होता है। अगर फायर स्टेशन नजदीक में हो तो आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी जल्दी घटनास्थल पर पहुंचेगी और नुकसान कम होगा। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरी योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। यहां से मिली जमीन की रिपोर्ट दुमका के जरमुंडी, गिरिडीहके बगोदर-सरिया, रांची के खेलगांव व आेरमांझी, लातेहार के महुआटांड़, पलामू के छतरपुर और देवघर एम्स में फायर स्टेशन के लिए जमीन की रिपोर्ट गृह विभाग को मिल चुकी है। शेष 11 फायर स्टेशन कार्यालय व आवासीय भवन बनाने के लिए अभी संबंधित जिले के डीसी ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। इससे योजना अटकी हुई है। यहां बनना है नया फायर स्टेशन राज्य के 10 अनुमंडल बसिया, चैनपुर, महगामा, सिमरिया, खोरी महुआ, डुमरी, बगोदर सरिया, छतरपुर, महुआटांड़ और रंका में फायर स्टेशन बनाए जाने हैं। इसके अलावा रांची के खेलगांव व आेरमांझी, जमशेदुपर के जुगसलाई व गोविंदपुर, धनबाद के कतरास व निरसा, दुमका के जरमुंडी आैर देवघर के एम्स में फायर स्टेशन बनना है। क्या कहते हैं अधिकारी… बसिया (गुमला) : अपर समाहर्ता शशिन्द्र बड़ाईक ने कहा कि तीन-चार जगह जमीन का निरीक्षण किया गया है। लेकिन अब तक फाइनल रिपोर्ट नहीं बनी है। निकाय चुनाव के बाद रिपोर्ट भेज दी जाएगी। सिमरिया (चतरा) : सीओ गौरव कुमार राय ने बताया कि जमीन से संबंधित कोई पत्र मेंरे संज्ञान में नहीं है। ऐसा पत्र आता है तो एक माह में जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट भेज देंगे। रंका (गढ़वा) : अनुमंडल अधिकारी रुद्र प्रताप ने बताया कि 10 माह पूर्व ही जमीन चिह्नित कर अंचल अधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। डुमरी, खोरी -महुआ (गिरिडीह) : अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ ने बताया कि जमीन अभी चिह्नित नहीं हुई है। जल्दी ही जमीन फाइनल कर रिपोर्ट भेज दी जाएगी। कतरास-निरसा (धनबाद) : डीसी आदित्य रंजन ने कहा कि जमीन चिह्नित कर ली गई है। आवश्यकतानुसा जमीन का हस्तांतरण कर दिया जाएगा।


