झारखंड की प्रमुख स्टेट यूनिवर्सिटी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) इस समय एक असामान्य स्थिति से गुजर रही है। विश्वविद्यालय में कक्षाएं चल रही हैं, विभाग, एचओडी, डीन और रिसर्च गाइड भी हैं, लेकिन पीएचडी एडमिशन के लिए कोई वैध नियम मौजूद नहीं है। इसी कारण पिछले 3 माह से पीएचडी कोर्स की 100 सीटों पर नामांकन नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुराना पीएचडी रेगुलेशन रद्द कर दिया है, लेकिन उसके स्थान पर नया नियम अब तक लागू नहीं किया गया है। नतीजतन, वर्तमान में पीएचडी एडमिशन के लिए कोई अधिसूचित नियम नहीं है और योग्य अभ्यर्थी असमंजस में हैं। दरअसल, यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने के बाद डीएसपीएमयू में यूजीसी रेगुलेशन 2016 के अनुरूप एमफिल-पीएचडी रेगुलेशन 2018 लागू किया गया था। -शेष पेज 11 पर
पीएचडी एडमिशन का नियम नहीं होने से सबसे अधिक असर यूजीसी नेट-जेआरएफ क्वालिफाई अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है। जेआरएफ क्वालिफाई छात्रों को प्रतिमाह लगभग 30 हजार रुपए की फेलोशिप मिलती है। पीएचडी में एडमिशन नहीं होने के कारण वे फेलोशिप से वंचित हैं। मौजूदा स्थिति में किसी भी स्तर पर एडमिशन संभव नहीं हो पा रहा है। नया नियम नहीं होने से एडमिशन अटका है


