सबसे बड़े थोक कपड़ा बाजार पंडरी में सड़क की ओर खुली 19 दुकानों को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। करीब 8 महीने से एक तरफ बंद इन दुकानों को खोलने के लिए जमकर राजनीति हो रही है। कारोबारी लगातार दबाव बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई बड़े नेताओं ने भी दुकानदारों के पक्ष में अफसरों से बातचीत की है। इसके बाद तय किया गया कि इन दुकानों को खोलने से ट्रैफिक व बाजार व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, इसकी जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति बनाई जाए। यह एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त को सौंपेगी। इसके बाद ही तय होगा कि सड़क की ओर खुली दुकानों को बंद रखा जाए या खोला जाए। निगम आयुक्त ने इस समिति में निगम के अपर आयुक्त, नगर निवेशक और जोन-2 के आयुक्त को सदस्य बनाया है। समिति के सदस्य मौके पर जाकर दुकानों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके साथ ही बाजार की पार्किंग व्यवस्था और पुराने नियमों का भी परीक्षण किया जाएगा। समिति ने 19 दुकानदारों को सूचना भेजकर अपने-अपने दस्तावेज जोन-2 कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं। महापौर मीनल चौबे ने ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए दुकानों को दोबारा सील करवा दिया, तभी से इस मुद्दे पर राजनीति तेज है। दस्तावेजों के आधार पर ही स्थल निरीक्षण किया जाएगा। पहले इस समिति में जोन-2 के आयुक्त आर.के. डोंगरे को जांच का जिम्मा दिया गया था, लेकिन 31 जनवरी को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद नए जोन आयुक्त संतोष पांडे को समिति में शामिल किया गया है। बार-बार लग रहा जाम पंडरी में सड़क की ओर खुली दुकानों पर खरीदारी करने आने वाले ग्राहक हमेशा अपनी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम की स्थिति बन जाती है। खासकर कारें दुकानों के सामने खड़ी होने से जाम लगता है। खरीदारी में समय लगने के कारण शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक जाम की स्थिति ज्यादा गंभीर रहती है। ऐसे समझें पूरा मामला पंडरी थोक कपड़ा बाजार में सड़क की ओर खुली दुकानों को लेकर विवाद कोई नया नहीं है। तत्कालीन महापौर प्रमोद दुबे के कार्यकाल में इसकी पहली बार जांच कराई गई थी। इसके बाद पूर्व महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल में दुकानों को सील कर दिया गया। हाई कोर्ट से स्टे मिलने के बाद दुकानें खोली गईं, लेकिन बाद में कोर्ट के निर्देश पर फिर से बंद कर दी गईं। हफ्तेभर में रिपोर्ट
पंडरी में सड़क की ओर खुली दुकानों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि इन दुकानों को सड़क की ओर खोलने की अनुमति दी जाए या नहीं।
विश्वदीप,आयुक्त, नगर निगम


