वीआईपी रोड क्षेत्र में बहने वाले प्राकृतिक नाला का रास्ता बदलने और सरकारी भूमि पर कब्जा करने के मामले में गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम ने कार्रवाई की है। प्रशासनिक टीम ने यहां पहुंचकर नाला के बहाव को ठीक किया। वहीं अवैध कब्जा कर जमीन पर किए गए बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को जिला प्रशासन की टीम निगम के जोन-10 के वार्ड 50 और 51 की सीमा में स्थित रामराजा नाला स्थल पहुंची। नायब तहसीलदार ज्योति सिंग ने बताया कि बिना किसी अनुमति के नाले के आसपास निर्माण किया जा रहा था, जिसे रोक दिया गया है। नाले के आसपास बड़े निर्माण के लिए बाउंड्रीवॉल, झोपड़ी और अन्य निर्माण किया गया था, जिसे भी तोड़ा गया है। नाले को पूरी तरह से अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया गया है। जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे ने बताया कि नाले में अवैध कब्जे की वजह से कई तरह की परेशानी हो रही थी। इस वजह से यहां तत्काल कार्रवाई की गई है। 30 दिसंबर को सामने आया था मामला, कार्रवाई में लग गए एक महीने
दरअसल, वीआईपी रोड क्षेत्र में बहने वाले प्राकृतिक नाले के साथ छेड़छाड़ का मामला 30 दिसंबर को सामने आया था। यहां वर्षों से बह रहे एक पुराने नाले को पाइप और मिट्टी की मदद से डायवर्ट कर दिया गया था। साथ ही नजदीक में करीब 3 एकड़ भूमि में अवैध प्लाटिंग की गई थी। इसी प्लाटिंग में जाने के लिए प्राकृतिक नाले के बहाव को बदलकर रास्ता बनाया गया था। खबर सामने आने के बाद जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे ने रायपुर एसडीएम को पत्र लिखा था। कब्जा करने वालों पर कार्रवाई हो: नेता प्रतिपक्ष
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि लगातार विरोध के बाद आखिरकार अमलीडीह क्षेत्र के सरकारी नाले एवं सरकारी डबरी वाली जमीन से निगम ने कब्जा हटाया। ये स्वागत योग्य है, लेकिन यहां किसने कब्जा किया था, किसने सरकारी नाले के बहाव को बदल किया, इसका नाम अब तक क्यों सार्वजनिक नहीं किया गया है? यही नहीं अधिकारियों का दावा है कि प्रशासन द्वारा उक्त भूमि सहित नाले का सीमांकन कराया गया है। यदि ऐसा है तो सीमांकन रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए और कब्जा करने वाले पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।


