अनाज व फल-सब्जियों में पेस्टीसाइड का इस्तेमाल करने के कारण गाल ब्लेडर (जीबी) कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दुनिया में सभी तरह के कैंसर में गाल ब्लेडर का 1% है, जबकि प्रदेश में 11 से 12% मामले मिल रहे हैं। जयपुर के स्टेट कैंसर संस्थान में 2023 में 11.2% से बढ़कर 2025 में 12% पहुंच गया। यह खुलासा एससीआई जयपुर के तीन साल के आंकड़ों के एनालिसिस में हुआ। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. संदीप जसूजा, अधीक्षक, एससीआई जयपुर
गाल ब्लेडर कैंसर के कारणों में पेस्टीसाइड, पथरी बनने, क्रॉनिक टाइफाइड संक्रमण, असामान्य बाइल डक्ट, ओबेसिटी, जीन में दिक्कत और जीवनशैली से जुड़े कारक है। जीबी स्टेज-1 व 2 में पकड़ में नहीं आता। समय पर जांच से बचा जा सकता है। गाल ब्लेडर लिवर, बोन या दिमाग तक फैलने पर स्टेज बदलती है। दूसरे अंगों में फैलने पर स्टेज 4 कहते हैं। उत्तर भारत में महिलाओं में दर 5 से 7 प्रति 1 लाख है। महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दोगुना है।


