भास्कर न्यूज | अमृतसर 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले में एसजीपीसी के पूर्व आंतरिक अॉडिटर सतिंदर सिंह कोहली को एसआईटी ने 2 दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और कोहली से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी कोहली से रिकॉर्ड प्रबंधन, वित्तीय लेनदेन और पवित्र स्वरूपों के गायब होने से जुड़ी पूरी कड़ी को लेकर सवाल कर रही है। एसआईटी का प्रयास है कि यह स्पष्ट किया जा सके कि 328 पावन स्वरूप आखिर कहां, कैसे और किन परिस्थितियों में लापता हुए। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान प्रकाशन विभाग से संबंधित ऑडिट रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, वितरण विवरण और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं इस मामले में संगठित लापरवाही या जानबूझकर की गई अनियमितता तो नहीं हुई। गौरतलब है कि 328 पावन स्वरूपों के गायब होने का मामला 2020 में सामने आया था, जब अकाल तख्त द्वारा गठित जांच कमेटी ने एसजीपीसी के प्रकाशन विभाग में रिकॉर्ड प्रबंधन और ऑडिट प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा किया था। इसके बाद लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन और धरने होते रहे। आखिरकार, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 7 दिसंबर 2025 को इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें अधिकांश पूर्व एसजीपीसी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों की न तो पक्की एंट्री उपलब्ध है और न ही वितरण व बिक्री से संबंधित पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। इस मामले में पूर्व आंतरिक ऑडिटर सतिंदर सिंह कोहली को गिरफ्तार किया गया था। उसे अदालत में इससे पहले 7 जनवरी को पेश किया गया था। उस दौरान 5 दिनों का रिमांड दिया गया था। बाद में फिर उसे अदालत में पेश किया गया तो उसे 14 दिन की न्यायािक हिरासत में भेज दिया गया था। अब एसआईटी कोहली को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले के मुख्य दोषियों तक पहुंचा जा सके। एसआईटी का प्रयास है कि यह स्पष्ट किया जा सके कि 328 पावन स्वरूप आखिर कहां, कैसे और किन परिस्थितियों में लापता हुए।


