रांची | सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने सोमवार को संसद में झारखंड में बोली जाने वाली कुड़माली, कुडुख, मुंडारी, हो, खड़िया, खोरठा, पंचपरगनिया व नागपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची व जनगणना कॉलम में शामिल करने की मांग की। उन्होंने सदन में कहा कि झारखंड राज्य में पांच जनजातीय व चार क्षेत्रीय भाषाएं जैसे संथाली , कुडुख, मुंडारी, हो, खड़िया, कुड़माली, खोरठा, पंचपरगनिया व नागपुरी लोगों द्वारा बोली जाती है। इसमें से सिर्फ संथाली भाषा को आठवीं अनुसूची मे शामिल किया गया है जबकि आठ अन्य जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा को शामिल नहीं किया गया है।


