हटा में नगर पालिका कर्मचारी को 4 साल की जेल:गरीब के मकान की किस्त के बदले मांगे पैसे; तत्कालीन सीएमओ प्रियंका झारिया दोषमुक्त

दमोह जिले की हटा नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रिश्वत लेने वाले एक कर्मचारी को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। आरोपी कर्मचारी ने मकान की दूसरी किस्त जारी करने के लिए एक व्यक्ति से पैसों की मांग की थी। कोर्ट ने इस मामले में कर्मचारी को 4 साल की सजा और जुर्माना सुनाया है। यह है पूरा मामला यह मामला साल 2019 का है। हटा के रहने वाले राजू सिंह राजपूत को उनके मकान की दूसरी किस्त मिलनी थी। लेकिन नगर पालिका में पंप चलाने वाले कर्मचारी सचिन दीक्षित ने इस काम के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी। राजू ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही राजू ने कर्मचारी सचिन दीक्षित को 10,000 रुपए थमाए, वैसे ही पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़ में आने के बाद कर्मचारी ने तत्कालीन अफसर (CMO) प्रियंका झारिया का नाम भी लिया था, लेकिन कोर्ट में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल पाया। कोर्ट का फैसला सभी गवाहों और सबूतों को देखने के बाद जज ने कर्मचारी सचिन दीक्षित को दोषी माना और उसे 4 साल की जेल की सजा सुनाई। वहीं, सबूत न होने के कारण पूर्व अफसर प्रियंका झारिया को केस से बरी कर दिया गया। ।

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