मणिपुर के चूराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम हिंसा भड़क गई। नए उप मुख्यमंत्रियों नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। जिले के तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को वापस उनकी बैरक में धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षा बलों ने बात मानने से इनकार कर दिया तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए। आदिवासी संगठन जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने कुकी-बहुल चूराचांदपुर में शुक्रवार सुबह 6 से 12 घंटे का बंद बुलाया है। वहीं, कुछ संगठनों ने नेम्चा किप्गेन, विधायकों एलएम खाउते, एन सेनाते को मारने वाले को 20 व 10-10 लाख इनाम देने का ऐलान किया है। 7 तस्वीरों में देखें स्थिति… डिप्टी सीएम और 3 विधायकों का विरोध नई सरकार में नेम्चा किप्गेन के डिप्टी सीएम बनने पर कुकी समुदाय बंट गया है। एक संगठन ने विश्वासघात व मैतेई से गठबंधन का आरोप लगाकर सरकार में शामिल तीनों कुकी विधायकों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की है। तीन कुकी जोमी विधायक मणिपुर सरकार में शामिल हो रहे हैं, जिसमें नेमचा ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है और अन्य दो, एलएम खौटे और न्गुर्संगलुर, जल्द ही शपथ लेने वाले हैं। इसका पता चलने के बाद प्रदर्शनकारियों में गुस्सा और भड़क गया। सूत्रों के मुताबिक, बिती हिंसा में कुकी जोमी लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। इंफाल में दिनदहाड़े सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी गई और उनकी लाखों की संपत्ति जला दी गई, साथ ही उनके चर्चों को भी आग लगा दी गई। असम राइफल्स के हालात संभालने की जिम्मेदारी असम राइफल्स को स्थिति को शांत करने के लिए तैनात किया गया था, लेकिन शुरुआती प्रयासों में बहुत कम सफलता मिली। अंत में सुरक्षाबलों को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक हिंसा अभी भी जारी है। क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।


