सतना जिले की मझगवां तहसील में एमपी ऑनलाइन के जरिए फर्जी चालान बनाने के मामले में पुलिस ने कियोस्क संचालक को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी धनबाबू पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोप है कि कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल ने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से चालान जमा करने में धोखाधड़ी की। उसने 2000 रुपये के चालान में केवल 1000 रुपये ही जमा किए और कंप्यूटर सिस्टम में हेरफेर कर 2000 रुपये की फर्जी रसीद बना दी। नायब तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ केस यह मामला बरौंधा के नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा प्रसाद कोल की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उन्होंने 6 जनवरी 2026 को मझगवां थाने को पत्र भेजकर कियोस्क संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। नामांतरण जुर्माने में हुआ फर्जीवाड़ा जानकारी के अनुसार, बरौंधा क्षेत्र के भूमि स्वामी बाबूलाल ब्राम्हण ने जमीन खरीदी थी। नामांतरण में देरी होने पर नायब तहसीलदार ने 2000 रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की राशि जमा करने के लिए बाबूलाल ने कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल को पैसे दिए थे। जब तहसील कार्यालय में चालान का मिलान किया गया, तो सामने आया कि सरकारी खाते में सिर्फ 1000 रुपये ही जमा हुए हैं। इसके बाद मामले की जांच की गई और फर्जी रसीद का खुलासा हुआ। एसडीएम के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर मामले की रिपोर्ट नायब तहसीलदार ने एसडीएम को भेजी। एसडीएम के आदेश के बाद मझगवां थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने गुरुवार को फरार आरोपी धनबाबू पटेल को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


