चंडीगढ़ सेक्टर 33/45 की डिवाइडिंग रोड को बंद करने को लेकर शुक्रवार बवाल हो गया। चंडीगढ़ प्रशासन की टीम सुबह-सुबह पूरा सामान, मशीनें और भारी पुलिस बल लेकर सड़क बंद करने पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी और एरिया पार्षद कंवर राणा मौके पर पहुंचे और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हो गए। मौके पर पुलिस बल तैनात है। धरने पर आम आदमी पार्टी की पार्षद प्रेमलता भी पहुंची। जहां पार्षद ने कहा जहां लोगों के साथ धक्का किया जाएगा वो उनके साथ खड़ी होगी क्योकि लोगों ने उन्हे उनकी मुशिकलें हल करने के लिए पार्षद बनाया है। नहीं होने देंगे रोड बंद धरने पर बैठे पार्षद कंवर राणा ने साफ कहा कि यह रोड किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क पर लाइटें लगी हैं, सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और हर सुबह हजारों बच्चे स्कूल जाते हैं। इसके अलावा सेक्टर-32 अस्पताल जाने का भी यही अहम रास्ता है।
उन्होंने कहा कि अगर यहां किसी को इमरजेंसी हो जाए तो लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पहले निगम अब प्रशासन कर रहा कोशिश कंवर राणा ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी जब यह सड़क नगर निगम के अधीन थी, तब इसे बंद करने का प्रयास किया गया था, लेकिन तब भी इसका विरोध कर इसे रुकवा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अब चंडीगढ़ प्रशासन बिना बताए सुबह-सुबह मशीनें लेकर पहुंच गया और जबरदस्ती सड़क बंद करने की कोशिश कर रहा है। यह पूरी तरह से गलत है। पार्षद ने कहा कि जब तक सड़क बंद करने की कार्रवाई रोकी नहीं जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पूरा इलाके के लोग उनके साथ हैं, क्योंकि इस सड़क के बंद होने से आम लोगों, बच्चों और मरीजों सभी को परेशानी होगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जो बच्चे पैदल सामने वाले सेक्टर में स्कूल जाते हैं, वे फिर कहां से और कैसे जाएंगे। हाई कोर्ट से जुड़ा है मामला बताया जा रहा है कि यह मामला पहले कोर्ट तक भी पहुंचा था। सेक्टर-33 के एक निवासी ने इस रोड को बंद करने को लेकर याचिका दायर की थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन की टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची थी।


