छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में मंगल कार्बन प्लांट में हादसे 9 माह की बच्ची समेत 7 लोग झुलस गए थे। इस मामले में घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी जांच में पहुंचे और कई तरह की लापरवाही पाए जाने के बाद प्लांट को बंद कराया गया है। साथ ही घटना की सूचना पर आरोपी प्लांट मैनेजर समेत 2 लोगों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बानीपाथर में मंगल कार्बन प्लांट में हुए हादसे को लेकर औद्योगिक स्वास्थ्य एंव सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जहां मामले में जांच करने पर पाया गया कि फार्नेस ठंड होने से पहले ही उसके गेट को खोल दिया गया। जिससे यह घटना घटित हुई। इस घटना में रजघट्टा निवासी कौशल कुमार पटैल, शिव खड़िया, साहेबलाल खड़िया, उरासिनी खड़िया, 9 माह की बच्ची भूमि खड़िया, नंदेली निवासी प्रिया, इंदिवर आग से झुलस गए। जिसके बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एंव सुरक्षा विभाग की टीम ने काम को बंद करा दिया है और प्लांट प्रबंधक के खिलाफ कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7 a 1, 7 a 2 a, 7 a 2c, 41 और 73 के अंर्तगत अविनाश गर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
फार्नेस का ढक्कन खोलने से निकली आग
रजघट्टा निवासी आशा बाई खड़िया ने घटना के बाद खरसिया थाना में सूचना दी कि गुरूवार की सुबह उसके साथ चमार सिंह पुराने टायर को ट्रैक्टर में लोड कर रहे थे। तभी इंदीवर, कुलदीप, कौशल पटेल व शिव खड़िया प्लांट के फार्नेस का ढक्कन खोल रहे थे। वहां पास प्रिया सारथी, उदासिनी व उसकी बेटी भूमि मौजूद थे। तभी अचानक फर्नेस का आग प्रेशर से बाहर निकला और आग की चपेट मंे आकर साहेबलाल, शिव, उदासिनी, भूमि कौशल पटेल, इंदीवर और प्रिया सारथी झुलस गए।
प्लांट के मुख्य प्रबंधक समेत 2 के खिलाफ अपराध दर्ज
इसके बाद प्लांट में घटना को देखकर अन्य मजूदर पहुंचे और तत्काल उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। आशा बाई ने अपने रिपोर्ट में बताया कि प्लांट में पुराने टायर को फर्नेस में पिघलाकर गरम काला तेल निकाला जाता है। फर्नेस को बिना ठंड किए बिना सुरक्षा उपकरण के खोलवाया गया। जिसके कारण घटना घटित हुई। ऐसे में मामले की सूचना पर पुलिस ने आरोपी कारखाना के मुख्य प्रबंधक रूपेश शर्मा व प्रबंधक दादु महराज उर्फ प्रेमसागर त्रिपाठी के खिलाफ धारा 125(a)-BNS, 125(b)-BNS, 287-BNS, 288-BNS, 289-BNS, 3(5)-BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।


