नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। इस दौरान शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और नागरिक भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री उदयप्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री हर वर्ष बच्चों से परीक्षा के तनाव को लेकर सीधा संवाद करते हैं। उन्होंने आज भी पूरे देश के विद्यार्थियों से चर्चा की और कई राज्यों के बच्चों से बातचीत की। मंत्री ने इसे दुनिया का पहला ऐसा उदाहरण बताया, जहां प्रधानमंत्री स्वयं बच्चों के परीक्षा काल के तनाव को दूर करने के लिए उनसे संवाद करते हैं। उन्होंने इसे गर्व और सकारात्मक अनुभव का विषय बताया। प्रवेश दर बढ़ाने का प्रयास मंत्री सिंह ने आगे कहा कि शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के हित में लगातार युक्तियुक्तिकरण कर रहा है। बच्चों को आसपास के विद्यालयों में सुव्यवस्थित किया जा रहा है और प्रवेश दर बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष शिक्षकों के प्रयासों से गिरती हुई एनरोलमेंट दर को स्थिर किया गया और उसमें वृद्धि भी दर्ज की गई। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मध्य प्रदेश में ड्रॉपआउट दर को शून्य करने का कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। सरकार का उद्देश्य शासकीय स्कूलों में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है, ताकि निजी स्कूलों की ओर बच्चों के रुझान के कारणों को समाप्त किया जा सके। शासकीय स्कूल की गुणवत्ता बढ़ेगी मंत्री ने जानकारी दी कि शासकीय स्कूलों में बेहतर कैंपस, डिजिटल और स्मार्ट क्लासेस, अच्छे प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में एक्सीलेंस स्कूल, पीएम श्री स्कूल और सांदीपनि विद्यालय जैसे मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इसका लक्ष्य शासकीय स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाना है, ताकि बच्चे और अभिभावक स्वाभाविक रूप से पुनः सरकारी विद्यालयों की ओर आकर्षित हों।


