कसौली पत्नी हत्याकांड, पति के बाद भाई-भतीजी भी गिरफ्तार:गला दबाकर मारा, फिर आत्महत्या दिखाने की साजिश रची, ढाई महीने पहले हुई थी शादी

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली में पत्नी की हत्या मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासे किए। शनौगी गांव के आरोपी पति चतर सिंह के बाद उसके भाई नरेंद्र सिंह और भतीजी निकिता (19) को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने हत्या को आत्महत्या दर्शाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार- शनिवार रात चत्तर सिंह ने अपनी पत्नी सुमन (38) की गला दबाकर हत्या की। घटना के बाद घबराए चतर सिंह ने खुद को बचाने के लिए अपने भाई नरेंद्र सिंह और भतीजी निकिता के साथ मिलकर हत्या को आत्महत्या का रूप देने की साजिश रची। आरोपियों ने अपने शरीर पर भी कैंची से वार किए आरोपियों ने सुमन के गले और शरीर पर कैंची से कई वार किए, ताकि यह लगे कि उसने खुद को नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं, साजिश को पुख्ता दिखाने के लिए चतर सिंह ने स्वयं को और निकिता को भी चाकू से हल्की चोटें पहुंचाईं। इसके बाद, मृतका के परिजनों को फोन कर झूठी कहानी सुनाई गई कि सुमन ने कमरे में खुद को बंद कर लिया था। मृतका के पिता के सामने दरवाजा तोड़ने का झूठा नाटक रचा मृतका के पिता के कहने पर आरोपियों ने दरवाजा तोड़ने का नाटक भी किया, लेकिन पुलिस जांच में यह पूरी कहानी झूठी साबित हो गई। अब पोस्टमार्टम हत्या गला घोंटकर हुई है। कसौली पुलिस ने गहन और साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। 23 नवंबर 2025 को हुई थी शादी पुलिस के अनुसार- सुमन और चतर सिंह की शादी 23 नवंबर 2025 को हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था। करीब 10-15 दिन पहले सुमन मायके चली गई थी, जिससे चतर सिंह नाराज था। 31 जनवरी की रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर चतर सिंह ने सुमन का गला दोनों हाथों से दबा दिया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और जांच में टूटी साजिश पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि सुमन की पहले गला दबाकर हत्या की गई थी और बाद में तेजधार हथियार से उसके गले और शरीर पर वार किए गए थे। डॉक्टरी जांच में यह भी पुष्टि हुई कि आरोपियों के शरीर पर जो चोटें थीं, वे स्वयं द्वारा पहुंचाई गई थीं। मौके से दरवाजा, कुंडी, चाकू, कैंची सहित अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कमरे के दरवाजे पर किसी तरह की तोड़फोड़ या संघर्ष के कोई निशान नहीं थे।

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