श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सेवाएं समाप्त करने की पीछे के कारण सामने आए हैं। कीर्तन रुकवाकर स्पष्टीकरण देने, राघव चड्ढा की सगाई में जाकर एक्ट्रेस से मिलने को जांच कमेटी ने गलत माना है। जत्थेदार ने थाने में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ले जाने की सब कमेटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। जांच कमेटी की सोमवार को पेश की रिपोर्ट को शिरोमणि कमेटी की अंतरिम कमेटी ने मंजूर कर ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर कार्रवाई की थी। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने तख्त साहिब की फसील से निजी स्पष्टीकरण देना, कीर्तन रोकना और अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा के आरोप को सही माना जा रहा है। साथ ही ज्ञानी की प|ी को झगड़ने के लिए उकसाना और उसकी बेटियों को अपनी बेटी कहकर अपने घर रखना, एक महिला को विदेश दौरों पर अपने साथ ले जाने जैसे आरोप श्री तख्त साहिब के जत्थेदार पर लगना सिख पंथ के लिए उचित नहीं है। इसलिए ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर कार्रवाई बनती है। जब फोन कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने तख्त श्री दमदमा साहिब की फसील से दिए स्पष्टीकरण को उनका बयान माना जाए। दरअसल, वल्टोहा ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर इल्जाम लगाए थे। इनमें से कुछ आरोपों को कमेटी ने सही माना। इसमें कहा गया था कि राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा की सगाई में सभी पार्टी लीडरों की गाड़ियां बिना जांच अंदर जा रही थीं, पर सिंह साहिब की गाड़ी सिक्योरिटी ने चेक की। फिर ज्ञानी हरप्रीत सिंह वहां एक्ट्रेस को मिले, जत्थेदार के पद पर होकर ऐसा करना सही नहीं है। कमेटी ने पांच प्यारों के साथ मुलाकात की है। पांच प्यारों ने स्पष्ट कहा कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने 18 दिसंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब पर कीर्तन को 15 मिनट के लिए रुकवाया था और स्पष्टीकरण दिया था। उन्हें बुलाया गया, मैसेज भेजे गए, पर उन्होंने मिलना उचित नहीं समझा।


