झारखंड हाईकोर्ट में पत्थर खनन लीज रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद साहिबगंज के पूर्व डीसी रामनिवास यादव पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। खंडपीठ ने डीसी का आदेश रद्द करते हुए जुर्माने की राशि प्रार्थी को देने का निर्देश दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को 8 दिसंबर 2023 से अबतक खनन रोकने के मामले में प्रतिवादियों से नुकसान का दावा करने के लिए सिविल कोर्ट जाने की स्वतंत्रता दी है। सुनवाई के दौरान हिल मूवमेंट कंपनी के मालिक प्रार्थी प्रकाश यादव उर्फ मुंगेरी यादव की आेर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव आैर पार्थ जालान ने बहस की। उन्होंने अदालत को बताया कि साहिबगंज में कंपनी को पत्थर खनन करने का लीज मिला था। लेकिन तत्कालीन डीसी ने सितंबर 2023 में बिना किसी नोटिस आैर सूचना के लीज पट्टा को निरस्त कर दिया। उनकी आेर से कहा गया कि खनन लीज रद्द करने का अधिकार उपायुक्त के पास नहीं है, बल्कि राज्य सरकार के पास है।


