लुधियाना| गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को आईपी यात्रा 2026 का शुभारंभ किया। यह पहल आईपीएफसी द्वारा एमएसएमई के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं में बौद्धिक संपदा(इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) के प्रति जागरूकता बढ़ाना व नवाचार को प्रोत्साहित करना है। पंजाब सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेशिंदर सिंह ग्रेवाल व पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। एपीएमए के प्रधान व आईपीएफसी सदस्य गुरप्रीत सिंह काहलों ने कहा कि देश का भविष्य नई पीढ़ी के हाथों में है और समाज के विकास में छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और उद्योगपतियों के बीच आपसी सहयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने जीएनई कॉलेज के प्रिंसिपल सरदार सहजपाल सिंह से आग्रह किया कि इस तरह के कार्यक्रम कॉलेज में हर वर्ष आयोजित किए जाएं, ताकि युवाओं के दिमाग को नई सोच, अनुसंधान और खोज की दिशा में प्रेरित किया जा सके। छात्रों द्वारा विकसित किए गए पेटेंट को पंजीकृत कराया जाना चाहिए। मुख्यातिथि महेशिंदर सिंह ग्रेवाल ने अपने संबोधन में आश्वासन दिया कि कॉलेज और उद्योगों के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित किया जाएगा, ताकि छात्रों के नवाचारों को व्यवहारिक रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि जो भी छात्र पेटेंट प्राप्त करेगा, उद्योग जगत उसकी खोज को लागू करने का पूरा प्रयास करेगा।


