रायपुर में डकैती:5 वर्दीधारी डकैतों ने बुजुर्ग भाई-बहनों को बंधक बनाया, 60 लाख व जेवर लूटे

नगरीय निकाय चुनाव की कड़ी सुरक्षा के बीच राजधानी के पॉश कॉलोनी अनुपम नगर में मंगलवार को दिनदहाड़े 60 लाख की डकैती हो गई। बिना नंबर की कार में दोपहर करीब पौने 3 बजे एक महिला के साथ मिलिट्री मैन जैसी वर्दी पहने चार डकैत लाल सलाम का नारा लगाते हुए पिस्टल लेकर मनोहरा वेल्लू (70) के घर में घुस गए। घर में मनोहरा वेल्लू के अलावा उनकी बहन प्रेमा वेल्लू (71) और रजनी वेल्लू (67) थे। पांचों ने बुजुर्ग और उनकी दोनों बहनों को बंधक बनाकर उनके हाथ-पैर बांधे। चीख-पुकार न सकें, इसलिए मुंह पर टेप लगाया और लूटपाट की। डकैत गले से सोने की चेन के अलावा आलमारी और दीवान में रखे करीब 60 लाख कैश लूटकर भाग निकले। वहीं, पुलिस को शक है कि डकैती में कोई परिचित शामिल हो सकता है। क्योंकि उसने आते ही कहा कि हमारा हिस्सा कहां है। यानी, डकैतों को पता था कि घर पर बड़ी रकम रखी हुई है, वह भी दीवान के भीतर। उनकी भाषा स्थानीय थी। पुलिस सुपारी की दिशा में भी जांच कर रही है कि किसी ने डकैती के लिए सुपारी तो नहीं दी है। इसलिए वहां काम करने वाले कर्मचारी से लेकर अन्य लोगों की सूची बनाई जा रही है। बिलासपुर में इस तरह की घटना: कुछ माह पहले इसी तरह की घटना बिलासपुर में हुई। उसमें पुलिस ने डकैतों को पकड़ लिया है। पुलिस इसमें पेशेवर गिरोह की दिशा में भी जांच कर रही है। फिल्मी स्टाइल में 20 मिनट में की डकैती
पुलिस को शक है कि रेकी करने के बाद डकैती की घटना को अंजाम दिया गया है। डकैत बिना नंबर की सफेद रंग की कार में आए थे। कार शंकर नगर की ओर से आयी। घर के बाहर आने के बाद 5 मिनट तक वे कार में बैठे रहे। उसके बाद कार से पहले दो वर्दीधारी डकैत उतरे। उनके भीतर जाने के बाद दो नकाबपोश डकैत उतरे। फिर पीले रंग की सूट पहनी महिला भीतर गई। 20 मिनट के भीतर पांचों डकैत 60 लाख कैश व जेवर लेकर निकल गए। शक है कि ओवरब्रिज होकर विधानसभा की ओर डकैत भाग गए हैं। मुंह बांधकर जमीन पर गिरा दिया, मकान खरीदने के लिए घर में रखे रुपए लूट ले गए मंगलवार की दोपहर 2.45 बजे सोफे पर बैठा हुआ था, तभी दो वर्दीधारी आए। चेहरे पर फौजियों वाला कपड़ा बांधे हुए थे। दोनों भीतर आते ही बोले आपने पुलिस में शिकायत की है। इसलिए हम लोग आए हैं। मैं हड़बड़ा गया। मैंने कहा कि कोई शिकायत नहीं की है। उसने फिर कहा कि हमारा हिस्सा दो और लाल सलाम का नारा लगाने लगे। दोनों के हाथ में पिस्टल था। दोनों ने मुझे पकड़ लिया। एक ने पहले मेरे मुंह पर टेप चिपकाया। फिर मेरा हाथ पकड़ा और कपड़े से बांध दिए। दूसरे ने मेरे पैर बांध दिए और जमीन पर गिर दिया। मुझे दबाने लगे। फिर पीछे से दो और नकाबपोश आए। फिर मकान के भीतर गए। दीदी प्रेमा और बहन रजनी दोनों कमरे में थे। उन्हें पकड़ लिया। उनसे पूछने लगे कि पैसे कहां रखे हो, बताओ। दीदी ने कहा कि उनके पास कोई पैसे नहीं हैं। तभी पीले रंग की सूट पहनी एक महिला आई। उसने दोनों बहनों को बेहोशी का इंजेक्शन बताकर लगाया। लेकिन उससे दोनों को कुछ नहीं हुआ। उसके बाद दोनों बहनों के गले का हार लूटने की कोशिश की। एक के गले से हार झपट्टा मारकर लूट लिए। दूसरे का निकाल नहीं पाए। दोनों के मुंह में टेप लगा दिए, ताकि चीख-पुकार न मचा सकें। दो डकैत आलमारी और पलंग को खंगालने लगे। आलमारी में पैसे रखे हुए थे, उसे निकाल लिए। उसके बाद दीवान को खोलकर देखे। उसमें बैग में 60 लाख रुपए रखे हुए थे। उसे निकाल लिए। तीनों को एक कमरे में लेकर आए। तीनों का मोबाइल छीन लिया। मकान को बाहर से बंद कर भाग गए। उनके जाने के 5 मिनट बाद हमने एक-दूसरे की मदद से मुंह और हाथ खोले। उसके बाद रजनी पीछे का दरवाजा खोलकर बाहर गई। पड़ोसी के घर जाकर उन्हें बताया। फिर छोटी बहन उषा शर्मा को फोन किए, जो अवंति विहार में रहती है। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। उषा अपने परिवार के साथ आई। पैसे निकालने बार-बार बैंक जाना न पड़े, इसलिए घर पर रखे हुए थे, क्योंकि अनुपम नगर में मकान खरीदे हैं। उसे नए सिरे से बनवा रहे हैं। -जैसा कि लूट के शिकार बुजुर्ग मनोहरा वेल्लू ने भास्कर को बताया।

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