केरेडारी | एनटीपीसी के केरेडारी बीजीआर माइंस में कार्यरत 519 मजदूर एचपीसी ( हाई पावर कमेटी) वेतन समेत दस सूत्री मांग को लेकर पिछले 21 जनवरी से हड़ताल पर हैं। हड़ताल की शुरुआत राष्टीय कोयला मजदूर यूनियन के बैनर तले की गई थी। माइंस में कोयला का उत्खनन व प्रेषण कार्य पूरी तरह से ठप है। कार्य में बाधा उत्पन्न व माइंस क्षेत्र में टेंट-तंबू लगाकर आंदोलन करने के आरोप में बीजीआर प्रबंधन ने यूनियन लीडर समेत 17 मजदूरों के विरुद्ध मामला भी दर्ज कराया है। कम्पनी से वार्ता के आश्वासन पर राष्ट्रीय कोयला मज़दूर यूनियन के जोनल सचिव मो. जहूर द्वारा गत दो फरवरी को एक लेटर जारी कर हड़ताल वापसी की घोषणा की गयी लेकिन बीजीआर के मजदूर, यूनियन लीडर की बात नही मान कर अपनी हड़ताल जारी रखा सिर्फ यूनियन का बैनर बदल दिया गया। दो फरवरी के शाम हीं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बिरसा विस्थापन यूनियन का बैनर धरना स्थल पर लगा दिया गया है। इस 17 दिन माइंस बंद होने से कम्पनी व सरकार के राजस्व का प्रति दिन लगभग छह करोड़ व 17 दिन में लगभग एक सौ दो करोड़ का नुकसान हो चुका है।


